नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग के प्रधानाचार्य और टीम लीडर कर्नल अंशुमान भदौरिया ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना की घोषणा वर्ष 2002 के बजट में हुई थी। इस कार्यक्रम का लक्ष्य चीन की सीमा पर स्थित गांवों का व्यापक विकास करना और सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। इस वर्ष नेहरू पर्वतारोहण संस्थान 11 प्रशिक्षुओं की याद में 11 अविजित शिखरों पर चढ़ाई करेगा और संबंधित चोटियों का नाम प्रशिक्षुओं के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शुभम सांगुड़ी के नाम पर भी एक शिखर का नाम रखा जाएगा। यहां कुमाऊं विवि के कुलसचिव दिनेश चंद्रा, कार्यक्रम में संयोजक प्रो. अतुल जोशी, 79 यूके बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल मलागी, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के उप प्रधानाचार्य मेजर देवल बाजपेयी, सब लेफ्टिनेंट डाॅ. रीतेश साह, प्रो. एचसीएस बिष्ट, डाॅ. विजय कुमार, डाॅ. दीपक कुमार आदि रहे।