निगम मंडल की पहली लिस्ट में इमरती, ओपीएस व रावत की ताजपोशी होगी
ग्वालियर भोपाल। मध्यप्रदेश में निगम, मंडल, प्राधिकरण को लेकर कवायद चल रही है और भाजपा के आला नेता अपने अपने समर्थकों की ताजपोशी के लिये लग गये हैं। कई पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद व पूर्व विधायक भी निगम मंडलों में आने के लिये हर प्रकार से जोर लगा रहे हैं।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक ग्वालियर चंबल संभाग से भी आधा दर्जन से अधि पदों पर भाजपा नेता अपनी नियुक्ति के लिये सपने देख रहे है और वह इसके लिये भोपाल से लेकर दिल्ली तक दौड़ भी लगा रहे हैं। अभी प्रारंभिक तौर पर सिंधिया समर्थक दो नेताओं के नाम निगम के लिये लगभग फाइनल माने जा रहे हैं। इसमें दोनों ही पूर्व मंत्री है। भोपाल सूत्रों के अनुसार पूर्व मंत्री इमरती देवी और पूर्व मंत्री ओपीएस भदौरिया की ताजपोशी लगभग तय है। दोनों को निगम अध्यक्ष बनाया जा सकता हैं। इमरती देवी और ओपीएस भदौरिया सिंधिया समर्थक भाजपाई है और ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने के साथ ही उन्होंने भी एन्ट्री की थी। लेकिन इमरती देवी उपचुनाव में हार कर मंत्रीमंडल से बाहर हो गई थी। बाद में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया की पैरवी पर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें निगम अध्यक्षी व मंत्री दर्जा दे दिया था। लेकिन अभी वह निगम अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद खाली बैठी है और डबरा से 2023 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के सुरेश राजे से हार भी गई थी। इसलिये अब इमरती समर्थकों का यह भी कहना है कि अब इमरती देवी का मन बिना पद के नहीं लग रहा हैं। इसलिये डबरा अंचल के लोग उनकी ताजपोशी की प्रतिक्षा कर रहे है।
वहीं पूर्व मंत्री ओपीएस भदौरिया सिंधिया के साथ भाजपा में आने के बाद उपचुनाव तो जीत गये थे और राज्यमंत्री भी बनकर रहे। लेकिन 2023 के उपचुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट न देकर राकेश शुक्ला को टिकट दिया। राकेश शुक्ला वर्तमान में मंत्री है। लेकिन ओपीएस भदौरिया ने भाजपा के लिये अपना टिकट न मिलने के बाद भी कभी नाराजगी जाहिर नहीं की और भाजपा के लिये समर्पण भाव से काम करते रहे, जिससे अब संगठन व सरकार सिंधिया की पैरवी के बाद उनके प्रति सकारात्मक भाव रखकर उनकी निगम मंडल में अध्यक्षी के लिये फाइनल मन बना चुके हैं।
रामनिवास रावत के भी दिन फिरेंगे
भाजपा में आने के बाद कांग्रेस से विधायकी छोड़ देने वाले पूर्व मंत्री रामनिवास रावत विजयपुर विधानसभा में अपनी ही सीट पर उपचुनाव हारने के बाद घर बैठे हैं। रावत को भी भाजपा संगठन व सरकार निगम मंडल में सेट करना चाहती हैं। इसी कारण रामनिवास रावत का भी नाम लगभग फाइनल है और पहली ही लिस्ट में इमरती, ओपीएस व रामनिवास रावत को निगम मंडल का अध्यक्ष पद मंत्री दर्जा के साथ मिल सकता है।
