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व्हीआईएसएम ने किया शिक्षकों का सम्मान, सम्मानित शिक्षकों ने कार्यक्रम को सराहा

ग्वालियर, मध्य प्रदेश  भारतीय परंपरा में गुरु को सदैव ईश्वर के तुल्य माना गया है। “गुरुब्र्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः” के इस शाश्वत सत्य को आत्मसात करते हुए व्हीआईएसएम ग्रुप आॅफ स्ट्डीज में आज दिनांक 10/09/2025 को शिक्षक सम्मान समारोह बड़े हर्ष और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. राज कुमार आचार्य, विशिष्ट अतिथि राकेश कुमार सगर, भापुसे (आईपीएस) कमांडेंट 2दक बटालियन और निरंजन शर्मा, एस.पी. लोकायुक्त उपस्थित रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती सरस्वती के पूजन से हुआ। इस समारोह में ग्वालियर, डबरा, भितरवार, पिछोर, शिवपुरी एवं ग्वालियर चम्बल संभाग के विद्यालयों के 50 से अधिक प्राचार्य एवं शिक्षकों को शाॅल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने उदबोधन में कहा कि “शिक्षक ही वह शक्ति हैं जो राष्ट्र के नव निर्माण एवं नवचार में सहयोग करतेे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम न होकर जीवन-मूल्य, संस्कृति और कर्तव्यनिष्ठा का सफर है। आज के युग में आवश्यक है कि हम शिक्षा को शोध, नवाचार और नैतिक आदर्शों से जोड़ें।” तत्पश्चात् विशिष्ट अतिथि राकेश कुमार सगर ने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु को सदैव उच्चतम स्थान दिया गया है। गुरु ही वह  प्रकाशस्तंभ है जो अंधकार से ज्ञान के आलोक की ओर मार्गदर्शन करता है। मा सिर्फ बच्चे को जन्म देती है, पर शिक्षक ही मात्र एक ऐसा व्यक्ति है जो बच्चें के जीवन को सार्थक बनाता है।

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