सभी वर्गों को साथ लेकर चलें.. ओबीसी आरक्षण पर CM मोहन यादव ने ये क्या बोल दिया, जल्द मिल सकती है मंजूरी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. डॉ. यादव ने बताया कि ओबीसी आरक्षण के मामले में सरकार ने न्यायालय के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखा है. इसके लिए सभी वर्गों के साथ मिलकर विचार-विमर्श किया गया और सामूहिक रूप से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और सामान्य वर्ग के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं. सभी वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें सभी की राय ली गई. इन बैठकों में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि कोई भी वर्ग पीछे न छूटे और सभी को समान अवसर मिलें. डॉ. यादव ने बताया कि न्यायालय ने भी सरकार के प्रयासों को देखा है और कहा है कि इस मामले में बहुत सारे दस्तावेज जमा हो चुके हैं.
डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि उनकी सरकार की भावना और प्रयासों को देखते हुए न्यायालय ओबीसी वर्ग के लिए अतिरिक्त 13 प्रतिशत आरक्षण के लाभ को मंजूरी देगा. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सभी वर्गों का विकास करना और सामाजिक समानता को बढ़ावा देना है. इसके लिए सरकार ने न केवल दस्तावेज जमा किए, बल्कि सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर नीतियाँ बनाई हैं. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं कर रही, बल्कि सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास कर रही है.
यह बयान पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग सरकार के इस रुख की सराहना कर रहे हैं, क्योंकि यह सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. डॉ. यादव ने यह भी कहा कि उनकी सरकार न केवल ओबीसी आरक्षण, बल्कि सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है. वे चाहते हैं कि मध्य प्रदेश में हर व्यक्ति को उसका हक मिले और समाज में एकता बनी रहे. इस दिशा में सरकार के प्रयास और न्यायालय में पेश किए गए तथ्य इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार सभी वर्गों के हितों को संतुलित करने के लिए गंभीर है.
डॉ. यादव ने अंत में भरोसा जताया कि न्यायालय उनकी सरकार की भावना को समझेगा और ओबीसी आरक्षण के मामले में सकारात्मक फैसला देगा. यह कदम न केवल ओबीसी वर्ग के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक नई दिशा प्रदान करेगा.
