मध्य प्रदेश का बदला मौसम, 4 डिग्री तक गिर सकता है पारा, बढ़ेगी ठंड, क्या होगी बारिश? पढ़े IMD अपडेट
कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय ना होने और वातावरण से नमी कम होने के चलते बादल बारिश का दौर खत्म हो गया है और अब अगले 24 घंटे में मध्य प्रदेश के मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों में रात के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होने की संभावना जताई है।उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी से रात के तापमान में गिरावट आएगी, जिससे ठंड बढ़ने लगेगी।इसका ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में देखने को मिलेगा। इसके अलावा नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, , राजगढ़, आगर-मालवा और शाजापुर में भी पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी।
मध्य प्रदेश मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ, एक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में उत्तरी पंजाब और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 3.1 और 4.5 किमी की ऊंचाई के मध्य अवस्थित है और ट्रफ़ मध्योपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर, 32°N अक्षांश के उत्तर में एवं 72°E देशांतर के साथ विस्तृत है। एक प्रेरित चक्रवातीय परिसंचरण, पंजाब और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने से हवा का रुख भी उत्तरी होने लगेेगा और सर्द हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आएगी।
बुधवार को कहां कैसा रहा मौसम
- बुधवार को प्रदेश में दिन का सबसे अधिक 32.9 डिग्री सेल्सियस तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया।
- रात का सबसे कम 15 डिग्री सेल्सियस तापमान नौगांव में रिकॉर्ड किया गया।
- पचमढ़ी में दिन के समय अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- श्योपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, गुना, सागर, बैतूल, छतरपुर और छिंदवाड़ा में हल्की बारिश दर्ज की गई
- भोपाल में न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री, इंदौर में 18.2 डिग्री और ग्वालियर में 20.1 डिग्री रहा।
Madhya Pradesh: 1 जून से अब तक कहां कितनी हुई वर्षा
- इस साल अक्टूबर में औसत से 121% अधिक वर्षा हुई। प्रदेश में औसत 2.8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्य मात्रा 1.3 इंच होती है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
भोपाल और ग्वालियर समेत 30 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। - गुना में सबसे ज्यादा 65.7 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।
- इंदौर संभाग में सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो गया। हालांकि उज्जैन में कोटा पूरा नहीं हो पाया । सागर, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों में मानसून का जोरदार असर रहा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र संभाग में औसत से ज्यादा बारिश हुई।
- ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।
