विपरित राजयोग से 3 राशियों को विशेष लाभ, करियर-व्यापार में तरक्की, बनेंगे बिगड़े काम, धनलाभ के योग
ज्योतिष शास्त्र में शनि को अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली ग्रह माना गया है। शनि न्याय व दंड के कारक माने जाते है। शनि एक से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्ष का समय लेते है, ऐसे में एक राशि में दोबारा पहुंचने में करीब 30 साल लग जाते है। शनि मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं। तुला राशि में वे उच्च और मेष में नीच के होते है। वर्तमान में शनि मीन राशि में मार्गी अवस्था में है और जून 2027 तक इसी राशि में रहने वाले हैं। शनि मीन राशि में रहकर सिंह राशि (जब शनि सिंह राशि के छठे भाव के स्वामी होते हुए मीन राशि के आठवें भाव में गोचर कर रहे हैं) में एक शक्तिशाली विपरीत राजयोग का निर्माण कर रहे है, जो 3 राशियों के लिए फलदायी साबित हो सकता है।
