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20 जिलों में छाया कोहरा, 24 घंटे बाद सक्रिय होगा नया सिस्टम, फिर बादल-बारिश की संभावना, पढ़ें IMD का ताजा अपडेट

इन दिनों मध्य प्रदेश में मौसम के अलग-अलग रुप देखने को मिल रहे हैं। कभी बादल-बारिश की स्थिति बन रही है तो कभी सुबह कोहरा तो दिन में धूप नजर आ रही है। तापमान में भी उतार-चढ़ाव हो रहा है। मंगलवार (3 फरवरी 2026) को सबसे कम न्यूनतम तापमान 11 °C राजगढ़ में दर्ज किया गया। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.5°C खंडवा में दर्ज हुआ।

बुधवार (4 फरवरी 2026) सुबह भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में कोहरा छाया रहा और दृश्यता कम रही। सड़कों पर वाहनों की गति धीमी रही। बीते हफ्ते ग्वालियर, चंबल और इंदौर संभाग के कई जिलों में बारिश, ओले और आंधी की घटनाएं दर्ज की गई, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि राज्य सरकार ने सर्वे व मुआवजे के निर्देश दिए हैं।

गुरुवार-शुक्रवार को भी छाया रहेगा कोहरा

  • 5 फरवरी (गुरुवार): ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में घना कोहरा और भोपाल, इंदौर, उज्जैन जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहेगा।
  • 6 फरवरी (शुक्रवार): गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कोहार छाया रह सकता है।

5 फरवरी को सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ

वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ और एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर लगभग 240 किमी प्रति घंटा की गति से पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 5 फरवरी की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। इसके प्रभाव से फिर मावठा (बादल व बूंदाबांदी) गिरने की संभावना जताई गई है। 10 फरवरी तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की स्थिति बनी रहने की संभावना है। बुधवार को जबलपुर, रीवा एवं शहडोल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना जताई गई है।

ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए है कि प्रदेश में जहां-जहां भी ओला-पाला से फसलें प्रभावित हुई हैं, उन जिलों के कलेक्टर्स, सर्वे कराकर तत्काल सहायता राशि किसानों को उपलब्ध कराएं। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने भी कहा है कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों, मकानों एवं मवेशियों की क्षतिपूर्ति के लिए सर्वे कार्य निरंतर किया जा रहा है। सर्वे पूर्ण होने के बाद सभी पात्र ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को उनकी क्षति का पूरा मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

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