पंजाब से आप विधायक पठानमाजरा ग्वालियर बाइपास से गिरफ्तार, रेप के मामले में थे वांटेड
ग्वालियर बाइपास से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आप विधायक 2 साल पुराने रेप के मामले में वांटेड थे। विधायक पठानमाजरा प्रकरण दर्ज होने के बाद पहले हरियाणा के करनाल में घेरे गए थे, लेकिन वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गए। इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। पुलिस ने उनका लुकआउट सर्कुलर जारी कर रखा था। पठानमाजरा 2022 में पटियाला की सनौर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं।
यहां बता दें कि विधायक हरमीत पठानमाजरा पर 1 सितंबर 2025 को पटियाला के सिविल लाइंस थाने में रेप, फ्रॉड और धमकाने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी। पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत 14 अगस्त 2022 को दी थी। हालांकि, 2025 तक पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की। मगर, पिछले साल अचानक 3 साल बाद पुलिस ने महिला की शिकायत का संज्ञान लेते हुए विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी) और 376 (रेप) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। केस दर्ज होने के बाद पठानमाजरा पंजाब से निकलकर हरियाणा में जाकर छुप गए। पुलिस भी पीछा कर वहां पहुंच गई। पटियाला पुलिस ने करनाल में पठानमाजरा को हिरासत में ले लिया था, लेकिन वह फरार हो गए। इस मामले में पठानमाजरा ने बाद में पटियाला कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी लेकिन केस गंभीर होने की वजह से कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद दिसंबर 2025 में पटियाला कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया। इसके बाद खबर आई कि वह ऑस्ट्रेलिया भाग गए हैं और वहां से इंटरव्यू भी दिए। तब कोर्ट ने लुकआउट नोटिस जारी किया। इसके बाद बतौर विधायक पठानमाजरा को मिली कोठी को भी पुलिस ने खाली करा दिया था।
केस में राहत के लिए पठानमाजरा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी थी। इसकी सुनवाई आज ही होनी थी। इसी को लेकर वह करीब 5 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया से भारत लौटे थे। आज वह दिल्ली ही आ रहे थे, लेकिन पटियाला पुलिस को इसकी भनक लग गई। इसके बाद उन्हें मध्यप्रदेश के शिवपुरी में ग्वालियर बाइपास पर गिरफ्तार कर लिया। इस बारे में पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया है कि विधायक को शिवपुरी जिले से 3 साथियों के साथ काबू किया है। 2 दिन के लंबे ऑपरेशन के बाद कामयाबी मिली है। पठानमाजरा को पटियाला ले आए हैं। पठानमाजरा के एडवोकेट बीएस भुल्लर का कहना है कि उन्हें भगोड़ा करार देने के मामले में याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है।
