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धार भोजशाला मां वाग्देवी का मंदिर, हिंदुओं को मिला पूजा का अधिकार, एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद मामले में आज मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया , अदालत ने लम्बी चली सुनवाई के बाद फैसला देते हुए भोजशाला को मंदिर घोषित कर दिया, कोर्ट ने ASI की 98 दिनों की वैज्ञानिक रिपोर्ट को मान्य किया जिसके अनुसार भोजशाला में हिंदू मंदिर के अवशेष मौजूद थे, अदालत ने हिंदू पक्ष के दावे को स्वीकार करते हुए भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना।

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में हिंदुओं को भोजशाला में नियमित पूजा करने की अनुमति दी है। हाई कोर्ट का यह फैसला वर्षों से चले आ रहे भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। यह निर्णय पांच याचिकाओं और तीन इंटरवेंशन याचिकाओं की लंबी सुनवाई के बाद आया है, कोर्ट ने 12 मई 2026 को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था और आज 15 मई 2026 को अपना फैसला सुना दिया।

ये सत्य और सनातन की जीत : भाजपा विधायक 

हाई कोर्ट के फैसले पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने ख़ुशी जताई है उन्होंने कहा  सत्य कभी पराजित नहीं हो सकता यह आज फिर से एक बार साबित हुआ है,  सनातन हिंदू धर्म पर लगातार आक्रमण हुए, मुगलों ने मंदिरों पर आक्रमण किए, मंदिर तोड़े गए, वेद पुराण जलाए गए, लाखों हिंदुओं का रक्त बहाया गया लेकिन अपने धर्म के लिए, अपने हिंदुस्तान के लिए, अपनी संस्कृति के लिए हिंदू फिर भी लड़ता रहा।

रामेश्वर शर्मा ने मुसलमानों से की ये अपील  

भाजपा विधायक ने कहा धार भोजशाला के लिए भी सनातनियों ने लंबी लड़ाई लड़ी है। न्यायालय पर हमारा विश्वास बना रहा कि यहां सत्य जीतेगा और आज इसी सत्य की जीत हुई है। मैं सनातन के लिए लड़ने वाले करोड़ बलिदानी हिंदुओं को नमन करता हूँ। यह सनातन की जीत है। उन्होंने कहा हम उम्मीद करते हैं कि मुसलमान भी सत्य को स्वीकार करेंगे और जहां-जहां हिंदुओं के स्मृति चिन्ह है, जिन-जिन मंदिरों को मुगल लुटेरों ने तोड़ा है उनको वापस करके हिंदुओं की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे। अपडेट हो रही है

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