राबड़ी देवी के नए बंगले पर भगवा की जगह चढ़ा चटक हरा रंग, 29जून है पुराने आवास को खाली करने की डेडलाइन
बिहार में राबड़ी देवी के नए आवास का मामला इन दिनों सबसे अहम राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। लालू परिवार जहां बरसों से 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले पर रह रहा था। वहीं अब इन्हें 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास में शिफ्ट होना है। इसके लिए सरकार द्वारा राबड़ी देवी की मांग के मुताबिक बंगले को मॉडिफाई किया जा रहा है।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के सरकारी आवास के मामले ने बिहार की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। नए आवंटित आवास में शिफ्टिंग की तैयारी जोरों पर चल रही है। भगवा रंग हटाकर बंगले पर आरजेडी की पहचान रहे हरे रंग को चढ़ाया जा चुका है।
राबड़ी के बंगले में भगवा की जगह हरा रंग
राबड़ी देवी को जो बंगला आवंटित किया गया है। उसके लुक में राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां पर भगवा रंग लगा हुआ था वहीं अब हर जगह हरा रंग दिखाई दे रहा है। दीवारों से लेकर आवास के गेट तक हरा रंग पेंट किया गया है। अब तक भवन के जिस जिस कोने पर भगवा रंग दिखाई दे रहा था अब वहां हरा रंग दिखाई दे रहा है। बता दें कि राष्ट्रीय जनता दल का चुनावी सिंबल लालटेन और गमछे का रंग हरा है। यही वजह है कि बंगले पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। राबड़ी देवी ने बंगले में शिफ्ट होने के लिए एक महीने का समय मांगा था जो अब पूरा होने वाला है।
मिला है अंतिम नोटिस
बिहार सरकार और राबड़ी देवी के बीच लंबे समय से आवास को लेकर खींचतान चल रही है। भवन निर्माण विभाग द्वारा उन्हें 7 दिनों के भीतर 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी अंतिम तारीख 29 जून है। विभाग का कहना है कि अगर नोटिस का पालन नहीं होता है तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बता दें कि यह बंगला नीतीश सरकार के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है।
लालू प्रसाद यादव की सेहत का हवाला
बता दें कि राबड़ी देवी ने 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास में शिफ्ट होने से पहले सरकार से कुछ अतिरिक्त व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। इसमें लालू यादव की सेहत का हवाला दिया गया है। यह कहा गया है कि गंभीर संक्रमण को देखते हुए डॉक्टर ने उन्हें आइसोलेटेड रहने की सलाह दी है। पुराने बंगले में उनके लिए एक विशेष कैमरा मौजूद है, जहां सारी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध है। इस जरूरत को देखते हुए नए बंगले में भी विशेष कमरे की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई है।
