चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिर बढ़ा सतना बस स्टैंड समेत कई इलाके डूबे; कल बरगी के 5 गेट खोलकर छोड़ा जाएगा पानी
सतना और चित्रकूट में बुधवार को बारिश और नदियों के बढ़ते जल स्तर ने चिंता बढ़ा दी है। सतना शहर में इस सीजन की सबसे तेज बारिश हुई। सुबह साढ़े 5 बजे से 90 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि साढ़े 8 से साढ़े 11 बजे तक 56 मिलीमीटर बारिश हुई।
शहर के कई मोहल्लों में जलभराव है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सतना-सेमरिया मार्ग पर सेमरावल नदी उफान पर है, जबकि बिरसिंहपुर क्षेत्र में मऊ नदी समेत अन्य नदी-नालों का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है।
सितावा नदी में बाढ़ के पानी के साथ बहकर आया अजगर पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाता नजर आया। उधर, चित्रकूट में मंदाकिनी का जल स्तर सुबह 10 बजे के बाद फिर बढ़ने लगा और 138 मीटर पहुंच गया।
उधर, जबलपुर में गुरुवार सुबह 11 बजे बरगी डैम के गेट खोले जाने का अलर्ट जारी किया गया है। बांध प्रशासन के मुताबिक, बुधवार सुबह 8 बजे तक बरगी का जलस्तर 421.85 मीटर और जलभराव 93.33 प्रतिशत हो चुका है। 707 क्यूमेक पानी लगातार आने की वजह से डैम के 5 गेट गुरुवार को करीब एक मीटर तक खोले जा सकते हैं। इनसे करीब 760 क्यूमेक पानी छोड़ा जाएगा। जिसके चलते नर्मदा के घाटों पर जलस्तर में करीब 4 फीट की वृद्धि संभावित है।
मंगलवार को रामघाट की 400 दुकानें डूबी थीं
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। इस वजह से कई जिलों में बाढ़ आ गई है। सतना में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हुए हैं। मंगलवार को रामघाट में करीब 400 दुकानें और 20-25 होटल डूब गए थे। भारी बारिश को देखते हुए सतना में सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियों की 2 और 3 सितंबर को छुट्टी घोषित की गई है।
अगले दो दिन तक सतना, चित्रकूट में भारी बारिश की चेतावनी है। ऐसे में हालात सुधरने की संभावना कम है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, मंगलवार को सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में अति भारी बारिश का अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 4 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है।
विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
इसलिए तेज बारिश का दौर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) एक्टिव है। वहीं, दक्षिणी हिस्से से एक ट्रफ भी गुजर रही है। ऊपरी हिस्से में मानसून ट्रफ सक्रिय है। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। अगले तीन दिन तक सिस्टम और भी मजबूत होगा।
कल से पश्चिमी हिस्से में पहुंचेगा सिस्टम मौसम विशेषज्ञों की माने तो 2 सितंबर को पूरा पूर्वी हिस्सा तेज बारिश से तरबतर रहेगा। भोपाल व नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में तेज बारिश होगी। 3 सितंबर को सिस्टम आगे बढ़ेगा। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग में असर दिखाई देगा।
4 सितंबर को पश्चिमी हिस्से में सिस्टम का ज्यादा असर रहेगा। इस वजह से भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में तेज बारिश होगी। 5 सितंबर को भी इन्हीं संभाग में भारी बारिश का दौर बना रहेगा।
डैमों में 70 प्रतिशत से ज्यादा पानी आया लगातार बारिश की वजह से प्रदेश के डैमों की स्थिति सुधरी है। अधिकांश डैम में 70 प्रतिशत तक पानी आ गया है। कुछ डैम के गेट तो खोल दिए गए हैं। इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों की स्थिति ठीक नहीं है। भोपाल के बड़ा तालाब में पानी का लेवल 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह सिर्फ 0.30 फीट ही खाली है। बड़ा तालाब फुल भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खुलेंगे। यहां से छोड़ा जाने वाला पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा और इसमें भी पानी का लेवल बढ़ जाएगा।
अब तक 27.8 इंच बारिश IMD (मौसम केंद्र) की माने तो प्रदेश में अब तक 707.1 मिमी यानी, 27.8 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 31.2 इंच (791.7 मिमी) की तुलना में 3.1 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 11 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 5% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 16% बारिश कम हुई है।
40 जिलों में 2% से 55% तक कम बारिश प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 5% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, डिंडौरी, निवाड़ी में 2% से 55% तक कम बारिश हुई है।
वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, दतिया, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 1% से 53% कम पानी गिरा है।
15 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
