Sun. May 31st, 2026

दिल्ली पुलिस ने ‘जूम’ को पत्र लिखा, गणतंत्र दिवस से पहले ‘टूलकिट’ मीटिंग में शामिल होने वालों की जानकारी मांगी

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लैटफॉर्म ‘जूम’ (Zoom) से उन लोगों की जानकारी मांगी है, जिन्होंने 11 जनवरी की बैठक में खालिस्तानी ग्रुप द्वारा कथित तौर पर किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए ‘टूलकिट’ (Toolkit) तैयार करने के लिए एक मीटिंग की थी।

पुलिस ने आरोप लगाया है कि मुंबई की वकील निकिता जैकब और पुणे के इंजीनियर शांतनु उन 70 लोगों में शामिल थे, जो राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस की हिंसा से कुछ दिन पहले जूम ऐप के जरिए बैठक में शामिल हुए थे, जिसमें 500 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हो गए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप जूम से 11 जनवरी को बैठक में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की जानकारी मांगी है। ज्वॉइंट पुलिस कमिश्नर (साइबर) प्रेम नाथ ने सोमवार को आरोप लगाया था कि शांतनु द्वारा बनाया गया ई-मेल अकाउंट इस गूगल डॉक्यूमेंट का मालिक है।

प्रेम नाथ ने कहा कि खालिस्तान समर्थक ग्रुप पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (PJF) के संस्थापक मो धालीवाल ने पुनीत नाम की कनाडा की एक महिला के माध्यम से जैकब और शांतनु से संपर्क किया था।

उन्होंने कहा कि निकिता और शांतनु ने 11 जनवरी को पीएफजे द्वारा आयोजित एक जूम मीटिंग में भाग लिया था, जिसमें 26 जनवरी को ‘वैश्विक किसान हड़ताल’ और ‘ग्लोबल डे ऑफ एक्शन के तौर तरीकों वाले शीर्षक से ‘टूलकिट’ बनाने का फैसला किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed