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मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान योजना में गबन, डीन के खिलाफ लोकायुक्त ने दर्ज किया मामला

शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. धर्मदास परमहंस के विरुद्ध लोकायुक्त ने आयुष्मान योजना की राशि अपने खाते में जमा करने के मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है। शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. धर्मदास परमहंस और अधीक्षक आशुतोष चोरिषी के विरुद्ध लोकायुक्त में रामनिवास शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मेडिकल कॉलेज के इन दोनों अधिकारियों ने आयुष्मान योजना में भ्रष्टाचार किया है। मप्र शासन के निर्देशों को धता बताकर दोनों डॉक्टरों ने आयुष्मान योजना की प्रोत्साहन राशि अपने खातों में अंतरित की। जबकि दोनों को इसकी पात्रता नहीं थी। खास बात यह है कि डीन डॉ. परमहंस पर तो उस अवधि की राशि भी हड़पने का आरोप है, जिस समय वह विदिशा में पदस्थ थे।

शिकायर्तकर्ता आरएन शर्मा ने बताया कि लोकायुक्त कार्यालय भोपाल ने इस मामले में उन्हें एक पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि उनके द्वारा संदर्भित शिकायत में प्रकरण क्रमांक 552/ई/24 पंजीबद्ध किया गया है। शिकायतकर्ता आरएन शर्मा ने बताया कि उनके द्वारा इस मामले में शिकायत लोकायुक्त एवं ईओडब्ल्यू में तथ्यों के साथ प्रस्तुत की गई थी। शिकायतकर्ता के अलावा कुछ पूर्व चिकित्सकों ने भी शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक एवं डीन की शिकायतें शासन को की थी। जब इस मामले में शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. धर्मदास परमहंस से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल कॉल किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।शिकायर्तकर्ता ने इस संबंध में लोकायुक्त में जो शिकायत दर्ज कराई है उसमें कहा गया है कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत मेडिकल कॉलेजों में होने वाले उपचार के लिए 60 प्रतिशत राशि नियत पैकेज अनुसार कॉलेज को मिलती है। इस संबंध में आयुक्त चिकित्सा शिक्षा द्वारा 15 फरवरी 2024 को जारी आदेश में यह भी स्पष्ट है कि मेडिकल कॉलेज के डीन के अलावा अधीक्षक, डायरेक्टर आयुष्मान इस योजना के नोडल ऑफिसर नही होंगे। जाहिर है, कॉलेज के डीन एवं अधीक्षक को प्रोत्साहन राशि नहीं मिल सकती है। इसके बाबजूद डीन डॉ परमहंस, अधीक्षक डॉ आशुतोष एवं डायरेक्टर शिल्पा गुप्ता ने समान रूप से 77556 रुपए की राशि अपने अपने बैंक खातों में ट्रान्सफर करा ली।

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