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पत्नी है पूर्व भाजपा विधायक, उपेक्षित पीड़ित पति ने मांगा भरण पोषण

दमोह, मध्य प्रदेश  अभी तक पत्नी द्वारा भरण पोषण मांगे जाने के तमाम मामले आपने सुने होंगे और कानून भी इसी बात की इजाजत देता है कि अलीमनी और भरण पोषण पति के द्वारा पत्नी को दिया जाता है। लेकिन दंगों से अब एक ऐसा मामला निकल कर आ रहा है जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ कुटुंब न्यायालय में भरण पोषण देने की याचिका लगाई है। इस मामले में और भी चौंकाने वाली बात यह है की पत्नी भाजपा की पूर्व विधायक हैं और राजनीति में जाने के बाद पति को छोड़कर अलग रहने लगी और अब पति एक्सीडेंट में दिव्यांग होने के चलते आर्थिक रूप से तंग हाल जीवन जी रहे हैं।

दमोह के पथरिया से विधायक रह चुकीं सोनाबाई से उनके पति सेवक राम अहिरवार ने गुजारा भत्ता देने की मांग की ही है। सोना बाई के पति सेवक राम वर्तमान में दिव्यांग हैं। वह कुछ अपना भरण पोषण नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि कुछ साल पहले उनका एक पैर खराब हो गया था। कमाई नहीं होने से उनकी आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। ऐसे में वह अपनी पत्नी सोनाबाई से गुजारा भत्ते के लिए ₹25000 प्रति माह की मांग कर रहे हैं। सेवकराम ने 4 जुलाई को कुटुंब अदालत में इसके लिए अर्जी लगाई है। जिसमें उन्होंने पत्नी की 50 हजार रुपए की पेंशन में से 25 हजार रुपए प्रतिमाह की मांग की है।

सेवकराम का इस पूरे मामले में कहना है कि उनकी शादी 1993 में सागर की सोना बाई से हुई थी। 2003 में सोना ने राजनीति में आने की इच्छा जताई। 2003 के विधानसभा चुनाव में वह मेरे सहयोग से भाजपा के टिकट पर पथरिया से चुनाव जीतीं। 2008 तक वह विधायक रहीं। विधायक के पति ने कहा कि पत्नी के विधायकी काल तक सब ठीक रहा। साल 2009 में उसने मुझे अपमानित करना शुरू कर दिया। कुछ दिनों बाद छोड़ दिया। तब से दोनों अलग रह रहे हैं। हालांकि तलाक नहीं हुआ है। सेवक राम ने यह भी दावा किया कि उन्हीं के सहयोग से उनकी पत्नी भाजपा से विधायक बनी।

पूर्व भाजपा विधायक सोना बाई के पति सेवकराम जब जब शारीरिक रूप से सक्षम थे तब वह। ठेकेदारी करते थे। लेकिन, स्वास्थ्य खराब होने के कारण काम बंद हो गया। उनका कहना है कि पत्नी के विधायक बनने में उन्होंने पत्नी का पूरा साथ दिया लेकिन विधायक। बनने के बाद से उसके व्यवहार में बदलाव आया। बड़े-बड़े नेताओं से उनका संपर्क हुआ, इस कारण उनमें गुरूर आ गया। वह मुझे अपने साथ रखने पर खुद को शर्मिंदा महसूस करती थीं। मुझे छोटी छोटी बात पर अपमानित करती थी।

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