पूर्व आरक्षक सौरभ की जमानत पर फैसला सुरक्षित, HC में हुई सुनवाई
ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल से करोड़पति बिल्डर बने सौरभ शर्मा की जमानत याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल ने सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए हैं।गौरतलब है कि लोकायुक्त ने आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा के घर पर दबिश दी थी। बेनामी संपत्ति मिलने पर ईडी ने सौरभ शर्मा सहित उसके पारिवारिक सदस्यों समेत 12 व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। आरोपी सौरभ शर्मा विगत 4 फरवरी से न्यायिक अभिरक्षा में है। ईडी द्वारा दर्ज प्रकरण में जिला न्यायालय ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।हाईकोर्ट में याचिका की सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि ईडी द्वारा जब्त की गई संपत्ति सौरभ शर्मा के नाम पर नहीं है और उनका उन संपत्तियों से कोई लेना-देना नहीं है। ईडी की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता विक्रम सिंह ने बताया कि सह-आरोपियों का कहना है कि सौरभ शर्मा ने उनके नाम पर उक्त संपत्तियां खरीदी हैं। संपत्ति उनके नाम पर है, लेकिन उसे सौरभ शर्मा ने ही खरीदा था।ईडी के अधिवक्ता ने एकलपीठ को बताया कि 108 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है, जिसे सौरभ शर्मा ने सह-आरोपियों के नाम पर खरीदा था। अटैच की गई संपत्ति से संबंधित एक सिविल प्रकरण दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है। आरोपी सौरभ शर्मा द्वारा अवैध रूप से अर्जित धन से उक्त संपत्तियां खरीदी गई थीं। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं।
