आज MIC की बैठक में महापौर डॉ. शोभा सतीश सिकरवार जी द्वारा शहर के कुछ मार्गो के नाम प्रस्तावित कर MIC में पास किए गए जिनमे
आगरा। तमिलनाडु के रहने वाले एक 83 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक की आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर उस समय मौत हो गई जब वह चलती ट्रेन में यात्रा कर रहे थे और अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। पीड़ित की पहचान कल्याण सुंदरम के रूप में हुई है, जो एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी थे।
मिली जानकारी के अनुसार, वे दिल्ली की ओर जा रही ट्रेन में सफर कर रहे थे। रास्ते में उन्हें सीने में तेज़ दर्द की शिकायत हुई, जिसे बाद में हार्ट अटैक बताया गया। लेकिन अफसोस की बात यह है कि ट्रेन में न तो मेडिकल सहायता उपलब्ध थी और न ही कोई डॉक्टर या प्राथमिक उपचार मिल सका।
ट्रेन के आगरा कैंट स्टेशन पर पहुँचने के बाद स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने उन्हें उतारा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मौके पर पहुंची GRP ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार को सूचना दे दी गई है।
रेलवे पर उठे सवाल
इस घटना के बाद रेलवे की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्या ट्रेन में बुनियादी फर्स्ट-एड किट भी उपलब्ध नहीं थी? क्या स्टेशनों पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम मौजूद है? इन सवालों ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं की पोल खोल दी है।
चश्मदीद यात्रियों की प्रतिक्रिया
ट्रेन के सहयात्रियों ने बताया कि अगर समय रहते कोई मेडिकल सुविधा मिल जाती तो शायद जान बच सकती थी। “हमने बार-बार चेन पुल कर मदद मांगी लेकिन कोई डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ नहीं आया”, एक यात्री ने कहा।
प्रशासन का जवाब
रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था सुधारने का आश्वासन भी दिया गया है।
