पीथमपुर इंडोरामा चौराहे पर अधूरा ओवरब्रिज बना जानलेवा, सिस्टम की लापरवाही से रोज़ हो रही दुर्घटना
महू-नीमच राजमार्ग पर बन रहा ओवरब्रिज लोगों के लिए राहत की जगह अब जानलेवा संकट बनता जा रहा है। निर्माण में हो रही देरी और अव्यवस्थाओं ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की नींदें उड़ा दी हैं। जनवरी 2024 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा वर्चुअली भूमि पूजन कर शुरू कराए गए इस ब्रिज के निर्माण की ज़िम्मेदारी बिहार की मेसर्स नाराईणदास कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई थी। इस ब्रिज को पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया की ट्रैफिक समस्या का समाधान माना जा रहा था, लेकिन अब यही अधूरा ब्रिज मुसीबत बन गया है। ब्रिज के दोनों ओर बनाए गए सर्विस रोड इतने बदहाल हैं कि अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। रोज़ाना दर्जनों दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार दोनों ही पूरी तरह से लापरवाह बने हुए हैं।एमपीआरटीसी द्वारा 38.22 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे इस ब्रिज का निर्माण चींटी की रफ्तार से हो रहा है। बीच में ठेकेदार ने काम रोक दिया था और अब जो काम हो भी रहा है, वह इतनी धीमी गति से है कि तय डेड लाइन 22 जनवरी 2026 तक भी निर्माण पूरा हो पाना मुश्किल लग रहा है। विभाग ने कई बार ठेकेदार को नोटिस जारी किए,इस बीच सर्विस रोड पर हो रही जानलेवा दुर्घटनाओं को देखते हुए अब सीमेंट कांक्रीट मार्ग बनाए जाने का प्रस्ताव भी वरिष्ठ कार्यालय भेजा गया है । लेकिन स्वीकृति और काम की रफ्तार… दोनों ही सवालों के घेरे में हैं। इंडोरामा चौराहे पर अधूरा ब्रिज, खस्ताहाल सर्विस रोड और तंत्र की सुस्ती… इन सबने मिलकर आम लोगों की ज़िंदगी को मुश्किल बना दिया है। सवाल यही है – क्या इस सिस्टम को अभी और किसी बड़े हादसे का इंतज़ार है
