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25 नवंबर तक 3 राशियों का गोल्डन टाइम, मालव्य राजयोग से चमकेगा भाग्य, नौकरी-व्यापार में तरक्की

 ज्योतिष शास्त्र में नौ ग्रहों, कुंडली और नक्षत्रों का बड़ा महत्व माना जाता है। हर एक ग्रह एक निश्चित समय अवधि के बाद राशि परिवर्तन करता है, जिससे योग राजयोग का निर्माण होता है। इसी क्रम में दैत्यों के गुरू शुक्र ने मालव्य राजयोग बनाया है। शुक्र को वृषभ व तुला राशि का स्वामी माना जाता है। वे कन्या राशि में नीच और मीन में उच्च का माने जाते है। ।प्रेम, सौंदर्य और सुख के कारक शुक्र ने 2 नवंबर को अपनी स्वामी राशि तुला में प्रवेश किया है, जिससे मालव्य राजयोग का निर्माण हुआ है जिसका प्रभाव 25 नवंबर तक रहेगा।  यह 3 राशियों के लिए बेहद लकी साबित होने वाला है।आईए जानते है कौन सी है वो लकी राशियां………..

राजयोग का राशियों पर प्रभाव  

तुला राशि पर प्रभाव : मालव्य राजयोग जातकों के लिए बेहद लकी साबित हो सकता है। आत्मविश्वास के साथ मान- सम्मान में वृद्धि हो सकती है। कानूनी मामलों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। विवाहितों का वैवाहिक जीवन खुशनुमा रहेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते है। नौकरीपेशा को नए नए अवसर मिल सकते है। पार्टनरशिप के काम में लाभ मिल सकता है। घर में मांगलिक कार्यक्रम या किसी शुभ अवसर का आयोजन हो सकता है। परिवार व जीवनसाथी के साथ रिश्ते और मधुर होंगे। लव लाइफ में अच्छी रहेगी। अचानक धन लाभ मिल सकता है। कही आपका पैसा फंसा है तो वह आपको वापस मिल सकता है।

मकर राशि पर प्रभाव : मालव्य राजयोग जातकों के लिए शुभ सिद्ध हो सकता है। बेरोजगारों को नौकरी के अवसर मिल सकते है। व्यापारियों को नए ऑर्डर मिल सकते हैं। । मीडिया, फैशन डिजाइनिंग, फिल्म लाइन और मॉडलिंग से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ मिल सकता है। आय में वृद्धि हो सकती है, नए नए स्त्रोत खुल सकते है। लंबी दूरी की यात्रा कर सकते है। आर्थिक स्थिति अच्‍छी और मजबूत होगी ।कारोबार का विस्तार हो सकता है।नौकरी व व्यवसाय में उन्नति मिल सकती है । नौकरीपेशा लोगों को इस समय नई जिम्मेदारियां और पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। अचानक धनलाभ के योग बनेंगे।

धनु राशि पर प्रभाव : मालव्य राजयोग जातकों के लिए लकी साबित हो सकता है। निवेश, शेयर बाजार, या पुरानी योजनाओं से अचानक लाभ मिल सकता है।संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है। मान – सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। । व्यापारियों को कोई बड़ी व्यवसायिक डील मिल सकती हैं। छोटी व लंबी यात्रा कर सकते हैं। लंबे समय से अटके और रूके हुए कामों को गति मिल सकती है।आर्थिक मामलो में भाग्य लाभ दिला सकता है। धर्म कर्म के काम में रुचि बढ़ेगी। आय के नए स्त्रोत बन सकते हैं। इस अवधि में अचानक धन लाभ की प्राप्ति हो सकती है।

कुंडली में कब बनता है मालव्य

मालव्य राजयोग शुक्र से संबंधित है, जिस भी जातक की कुंडली में शुक्र लग्न से अथवा चन्द्रमा से केन्द्र के घरों में स्थित है अर्थात शुक्र यदि कुंडली में लग्न अथवा चन्द्रमा से 1, 4, 7 अथवा 10वें घर में वृष, तुला अथवा मीन राशि में स्थित है तो कुंडली में मालव्य राजयोग बनता है। अगर शुक्र ग्रह पर सूर्य या गुरु की दृष्टि पड़ रही है तो इस राजयोग का फल व्यक्ति को कम प्रदान होगा। क्योंकि सूर्य और गुरु का शुक्र के साथ शत्रुता का भाव है।

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