ज्ञानोदय अस्पताल पर बिना रजिस्ट्रेशन डॉक्टर रखने और आयुष्मान योजना में धांधली का आरोप, हाईकोर्ट के आदेश पर 15 डॉक्टरों से जवाब तलब
नीमच जिले के निजी स्वास्थ्य सेवाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। माननीय हाईकोर्ट की सख्ती के बाद ज्ञानोदय मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल समेत अन्य निजी चिकित्सा संस्थानों की कार्यप्रणाली जांच के दायरे में आ गई है। मुख्य आरोप यह है कि अस्पताल में कई डॉक्टर बिना मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल (MPMC) में पंजीकरण के ही मरीजों का इलाज कर रहे थे, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
यह पूरा मामला तब तूल पकड़ा जब MPMC और हाईकोर्ट ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध पंजीयन के चिकित्सा कार्य करना एक दंडनीय अपराध है और इस पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदेशों के पालन में देरी पर अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
भ्रामक विज्ञापन और अपंजीकृत डॉक्टरों का जाल
शिकायतों के अनुसार, ज्ञानोदय अस्पताल ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के नाम पर अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन प्रकाशित किए। इन विज्ञापनों को देखकर मरीज विशेषज्ञ इलाज की उम्मीद में अस्पताल पहुंचे, लेकिन कई मामलों में उनका इलाज उन विशेषज्ञ डॉक्टरों ने नहीं किया जिनके नाम विज्ञापन में थे। इसके बजाय, इलाज अन्य चिकित्सकों द्वारा किया गया।
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहे डॉ. अभिलेख त्रिपाठी और डॉ. सोमराजन समेत कई अन्य डॉक्टर दूसरे राज्यों के हैं और उनका MPMC में रजिस्ट्रेशन नहीं था। मेडिकल काउंसिल ने अस्पताल प्रबंधन से इन सभी डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन संबंधी दस्तावेज तत्काल प्रस्तुत करने को कहा है।
आयुष्मान योजना में भी गड़बड़ी के आरोप
ज्ञानोदय अस्पताल पर आयुष्मान भारत योजना के तहत भी धांधली करने के गंभीर आरोप हैं। एक शिकायतकर्ता के अनुसार, पात्र होने के बावजूद मरीज को योजना का लाभ नहीं दिया गया। आरोप है कि अस्पताल ने इलाज के लिए मरीज से अतिरिक्त 20 हजार रुपये की मांग की, जिसके कारण उसे इलाज के लिए दूसरे राज्य जाना पड़ा। यह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है।
प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। सीएमएचओ कार्यालय (CMHO नीमच) ने बताया कि मेडिकल काउंसिल के निर्देशों के आधार पर ज्ञानोदय अस्पताल से जुड़े 15 चिकित्सकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले पर अब पूरे जिले की निगाहें टिकी हुई हैं।
