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नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय के एडिश्नल सेक्रेटरी ने सुरक्षा का जायजा लिया, जल्द एयरो ड्रम लाइसेंस मिलने की संभावना बढ़ी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन की घोषणा के बाद से ही तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के एडिश्नल सेक्रेटरी आनंद स्वरूप की अगुवाई में एक उच्च-स्तरीय टीम ने एयरपोर्ट पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का सघन निरीक्षण किया। इस बैठक और निरीक्षण को एयरपोर्ट के लिए अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले ‘एयरो ड्रम लाइसेंस’ हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

यह अहम बैठक मुख्यमंत्री योगी के उस बयान के ठीक एक दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने सिंगापुर दौरे के दौरान कहा था कि अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। पहले भी जनवरी और फरवरी में उद्घाटन की अटकलें थीं, लेकिन सुरक्षा क्लीयरेंस न मिलने के कारण इसे टालना पड़ा था।

ढाई घंटे तक चली सघन जांच

मंगलवार को हुई इस बैठक में एडिश्नल सेक्रेटरी आनंद स्वरूप के साथ नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के महानिदेशक, नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक ईशान प्रताप सिंह और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (NIAL) के नोडल अफसर शैलेंद्र भाटिया समेत पुलिस और अन्य केंद्रीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

NIAL के नोडल अफसर शैलेंद्र भाटिया ने जानकारी दी कि टीम ने करीब ढाई घंटे तक एयरपोर्ट परिसर का जायजा लिया। इस दौरान टर्मिनल बिल्डिंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर, रनवे और एयरपोर्ट की बाहरी चारदीवारी की सुरक्षा का बारीकी से निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर लगाए गए सुरक्षा उपकरणों और प्रणालियों की भी जांच की और BCAS द्वारा पहले उठाई गई आपत्तियों के निस्तारण पर बिंदुवार चर्चा की।

क्यों अहम है यह सेफ्टी क्लीयरेंस?

किसी भी एयरपोर्ट से विमानों का व्यावसायिक संचालन शुरू करने के लिए दो प्रमुख लाइसेंस की आवश्यकता होती है। पहला, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) से ‘सेफ्टी क्लीयरेंस’ और दूसरा, महानिदेशालय नागर विमानन (DGCA) से ‘एयरो ड्रम लाइसेंस’। BCAS की मंजूरी के बिना DGCA लाइसेंस जारी नहीं करता।

मंगलवार की बैठक और सफल निरीक्षण के बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि BCAS जल्द ही नोएडा एयरपोर्ट को अपनी सेफ्टी क्लीयरेंस दे देगा। इसके मिलते ही DGCA द्वारा एयरो ड्रम लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद यहां से यात्री विमान और कार्गो सेवाओं का संचालन शुरू हो सकेगा। इस प्रगति से मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अगले महीने एयरपोर्ट के उद्घाटन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

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