सड़क पर नमाज को लेकर योगी आदित्यनाथ सख्त, बोले- प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं तो दूसरा तरीका अपनाएंगे…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज पढ़े जाने को लेकर आज एक बड़ा बयान दिया है। योगी ने चेतावनी भरे शब्दों में स्पष्ट कहा कि यदि संख्या ज्यादा है तो घर में पढ़ें अन्यथा शिफ्ट में पढ़ें, उन्होंने कहा सड़क लोगों के चलने के लिए होती है ना कि नमाज पढ़ने के लिए, नियम सबके लिए सामान हैं , कानून का पालन सबको करना होगा वर्ना एक्शन लिया जायेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में एक मीडिया हाउस द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं कि आपके यहाँ उत्तर प्रदेश में क्या सचमुच सड़कों पर नमाज नहीं होती? मैं कहता हूँ कतई नहीं होती है आप आकर देख लो।
43 दिन की गहन जांच के बाद हुई थी बर्खास्तगी
सीनियर अफसरों को धमकी देने के मैसेज जब सोशल मीडिया पर वायरल हुए, तो तत्कालीन एसपी आदित्य मिश्रा ने तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद विभाग ने इस पूरे मामले की 43 दिनों तक गहनता से विभागीय जांच की और अनुशासनहीनता के आरोप में देवेंद्र मीणा को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। अब हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी वापसी तो हो गई है, लेकिन ‘टाइगर’ वाली उनकी नई सोशल मीडिया पोस्ट ने साफ कर दिया है कि अफसर और कर्मचारी के बीच की यह तनातनी अभी खत्म नहीं हुई है।
..तो शिफ्ट में नमाज पढ़ लो
योगी ने कहा सड़कें चलने के लिए होती हैं कि कोई भी व्यक्ति सड़क बाधित कर देगा उसे क्या अधिकार है सड़क रोकने का? जहाँ उसका स्थल है वहां जाकर नमाज पढ़े, आवागमन रोकने का उसे कोई अधिकार नहीं है , कुछ लोगों ने मुझसे कहा कैसे होगा हमारी संख्या ज्यादा है हमने कहा शिफ्ट में कर लो।
सिस्टम के साथ रहना है तो कानून को मानना होगा
योगी ने आगे कहा यदि तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है तो जनसंख्या नियंत्रित कर लो, यदि सामर्थ्य नहीं है तो क्यों बेकार आगे जनसँख्या बढ़ा रहे हो। योगी ने चेतावनी देते हुए कहा यदि आपको सिस्टम के साथ रहना है तो कानून को मानना होगा, नमाज पढ़नी आवश्यक है तो आप शिफ्ट में पढ़िए, हम रोकेंगे नहीं लेकिन सड़क पर नहीं होने देंगे।
सड़क चलने के लिए है नमाज पढ़ने के लिए नहीं
योगी ने कहा सड़क चलने के लिए है, आम नागरिक के लिए है, बीमार व्यक्ति के लिए है, कामगार के लिए है, कर्मचारी के लिए है, व्यापारी के लिए है, इसलिए हम सड़क को बाधित नहीं करने देंगे। सरकार का नियम सबके लिए लागू होता है अराजकता सडकों पर नहीं फैलने देंगे, प्यार से मानेंगे ठीक बात है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे।
संवाद से नहीं तो संघर्ष करके भी देख लो ..
योगी बोले हमारा काम है संवाद करना , आप संवाद से नहीं मानेंगे नहीं तो संघर्ष से भी देख लो, बरेली में लोगों ने हाथ आजमाने का काम किया उन्होंने ताकत देख ली। इसलिए सरकार एक व्यवस्था बनाना चाहती है और उसका पालन करना सबका कर्तव्य होगा।
