MP सरकार आज फिर लेगी कर्ज: उमंग सिंघार बोले “बीजेपी ने मध्यप्रदेश को EMI प्रदेश बनाया, आत्मनिर्भर की बजाय कर्ज निर्भर बना
मध्यप्रदेश सरकार एक बार फिर बाजार से कर्ज लेने जा रही है। आज भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से 2800 करोड़ रुपये का नया ऋण दो किस्तों में उठाया जाएगा। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश को “EMI प्रदेश” बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने प्रदेश को आत्मनिर्भर की बजाय कर्ज निर्भर बना दिया है।
उन्होंने कहा कि अप्रैल के बाद यह तीसरी बार है जब एमपी सरकार बाजार से ऋण उठा रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य की आर्थिक व्यवस्था अब कर्ज आधारित मॉडल पर चल रही है और आने वाली पीढ़ियों पर भारी वित्तीय बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि ये हजारों करोड़ की राशि कहां जा रही है।
MP सरकार फिर ले रही कर्ज
मध्यप्रदेश सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से 2800 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने जा रही है। यह राशि दो हिस्सों में जुटाई जाएगी। पहली किश्त 1600 करोड़ रुपये की होगी, जिस पर 7.64 प्रतिशत ब्याज दर तय की गई है, जबकि दूसरी किश्त 1200 करोड़ रुपये की होगी, जिस पर 7.83 प्रतिशत ब्याज देना होगा।
वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार यह उधारी “मध्यप्रदेश राज्य विकास ऋण” योजना के तहत बॉन्ड जारी करके ली जा रही है। दोनों ऋणों का भुगतान छह-छह महीने के अंतराल पर अप्रैल और अक्टूबर में किया जाएगा। इनमें से एक ऋण की अवधि वर्ष 2034 तक रहेगी, जबकि दूसरा ऋण वर्ष 2048 तक के लिए लिया गया है।
चालू वित्त वर्ष में चौथी बार राज्य सरकार बाजार से कर्ज उठा रही है। अप्रैल में सरकार पहले ही चार अलग-अलग किश्तों में 4600 करोड़ रुपये का ऋण ले चुकी है। इसके बाद मई में 1800 करोड़ रुपये का एक और कर्ज लिया गया था। अब 2800 करोड़ रुपये की नई उधारी के बाद चालू वित्त वर्ष में कुल ऋण 9200 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
उमंग सिंघार ने बीजेपी को घेरा
इसे लेकर उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि “भाजपा सरकार मध्य प्रदेश को EMI प्रदेश बनाने में लगी हुई है। विकास के नाम पर हर मंच से बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन हकीकत यह है कि राज्य को लगातार कर्ज के दलदल में धकेला जा रहा है। अप्रैल के बाद यह तीसरी बार है जब सरकार कर्ज ले रही है। सवाल यह है कि हजारों करोड़ रुपये आखिर कहां जा रहे हैं?” नेता प्रतिपक्ष ने ने आरबीआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस साल तक तक राज्य का कुल बकाया कर्ज 5.31 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है जो राज्य के वार्षिक बजट से भी ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय कर्ज-निर्भर बना दिया है।
