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हरियाणा में सफाईकर्मियों की हड़ताल हुई खत्म, एक्सीडेंटल डेथ पर दिया जाएगा 50 लाख रूपए का मुआवजा, 17 मांगों पर बनी सहमति

हरियाणा के गांवों से लंबे इंतज़ार के बाद कचरे के ढेर हटे, क्योंकि करीब एक महीने से चल रही ग्रामीण सफाईकर्मियों की हड़ताल शुक्रवार रात समाप्त हो गई है। दरअसल सरकार और ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच पानीपत के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में करीब तीन घंटे चली बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। इस बैठक में सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की 18 में से 17 प्रमुख मांगों को मान लिया है, जिसके बाद यूनियन ने तत्काल प्रभाव से हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी।

दरअसल मंत्री कृष्णलाल पंवार और कृष्ण बेदी ने कर्मचारियों के साथ लंबी बातचीत की। मंत्री पंवार ने बताया कि कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर सरकार समीक्षा करेगी। यह मामला उच्च न्यायालय से जुड़ा है, इसलिए इस पर कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर तुरंत सहमति बन गई है।

गांव में हर 400 की आबादी पर एक सफाईकर्मी

इनमें सबसे अहम फैसला यह है कि अब गांव में हर 400 की आबादी पर एक सफाईकर्मी नियुक्त किया जाएगा। यह कदम न केवल काम के बोझ को कम करेगा, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। इसके अलावा, ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मौत होने पर मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए का मुआवजा और एक पक्की सरकारी नौकरी दी जाएगी। सामान्य मृत्यु की स्थिति में भी आश्रित को नौकरी मिलेगी।

प्रदेशभर के सफाईकर्मी लंबे समय से स्थायी नौकरी, वेतन बढ़ाने और अन्य भत्तों को लेकर हड़ताल पर थे। इस दौरान कई जगहों पर स्थिति तनावपूर्ण रही और शहरों में कचरे के ढेर लग गए थे। हिसार जैसे शहरों में तो कूड़ा उठवाने के लिए स्वैट कमांडो की निगरानी तक करनी पड़ी थी, जिससे शहरवासियों को काफी परेशानी हुई।

विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने दी जानकारी

विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी के निर्देश पर यह वार्ता बेहद सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने दोहराया कि 31 दिसंबर 2005 के हाईकोर्ट के आदेशानुसार सभी कच्चे सफाई कर्मचारियों को तुरंत पक्का करने की मुख्य मांग पर सरकार कानूनी फैसले की गहनता से समीक्षा करेगी और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस एक मांग को छोड़कर बाकी सभी 17 मांगों पर पूर्ण सहमति बन गई है।

जिन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है, उनमें आबादी का नया पैमाना शामिल है। अब प्रत्येक गांव में प्रति 400 व्यक्ति की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी नियुक्त किया जाएगा, जिससे काम का बोझ घटेगा और कई नए रोजगार मिलेंगे। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन को तुरंत प्रभावी रूप से लागू करवाया जाएगा। कर्मचारियों को मिलने वाले वर्दी भत्ते, धुलाई भत्ते और झाड़ू-कस्सी जैसे औजार खरीदने के भत्ते में भी बढ़ोतरी की जाएगी, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति बेहतर होगी।

कर्मचारियों के लिए एक्स-ग्रेशिया पॉलिसी भी लागू की जाएगी। ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मौत होने पर मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा और उन्हें एक पक्की सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। सामान्य मृत्यु होने पर भी आश्रित को नौकरी का लाभ मिलेगा। सेवानिवृत्ति पर भी कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिलेगा। सेवाकाल पूरा होने के बाद सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों को एकमुश्त 10 लाख रुपए और ग्रेच्युटी का पूरा लाभ दिया जाएगा, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा।

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