Fri. Jun 12th, 2026

MP राज्यसभा चुनाव मीनाक्षी नटराजन नामांकन रद्द मामला, कांग्रेस को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की

राज्यसभा कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मामले को लेकर दायर की गई याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस चंदूकर की पीठ ने ये फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नामांकन खारिज होने जैसे चुनावी मामलों में आम तौर पर कोर्ट बीच में दखल नहीं देता। यह मामला चुनाव आयोग के समक्ष ले जाना चाहिए।

मीनाक्षी नटराजन की ओर से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि संबंधित मामले में अभी तक आरोप तय नहीं हुए हैं, जबकि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (RoP Act) के तहत नामांकन रद करने के लिए आरोपों का तय होना एक अनिवार्य शर्त है। ऐसे में जब आरोप तय नहीं है तो नामांकन कैसे रद हुआ? इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वकील को कहा नामांकन प्रक्रिया के बाद रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश को रद्द करने और नामांकन स्वीकार करने जैसे कोई मामले को बताने को कहा। इस पर सिंघवी ने जवाब दिया कि जब किसी मामले (जैसे कि मौजूदा मामले) में तथ्य सामने आएंगे, तो कोर्ट कानून लागू करेगा। अगर रिटर्निंग ऑफीसर मनमाने ढंग से काम करता है और किसी पार्टी के लिए काम करता है तो कोर्ट उसमें  दखल दे सकता है। नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन नतीजे क्यों घोषित किए गए? लेकिन इन सभी दलीलों से कोर्ट सहमत नहीं हुआ और याचिका खारिज कर दी ।

इससे पहले गुरुवार को अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की थी। उन्होंने तर्क दिया कि यदि 11 जून नामाकंन वापसी की आखिरी तारीख है, मामले की तत्काल सुनवाई नहीं हुई तो याचिकाकर्ता को प्रभावी राहत पाने के लिए छह वर्ष तक इंतजार करना पड़ सकता है। साथ ही अनुरोध किया गया कि विवाद के अंतिम फैसले तक चुनाव परिणाम की घोषणा पर रोक लगाई जाए। अवकाशकालीन पीठ के न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चांदुरकर ने मामले की शीघ्र सुनवाई का आश्वासन दिया लेकिन परिणाम की घोषणा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।

इस सुनवाई से पहले दिल्‍ली में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करते हुए मीनाक्षी ने कहा कि सारे मामले की जड़ फॉर्म 26 है।  अगर आपराधिक या दंडनीय अपराध वाले मामले हैं तो जानकारी देनी है, जबकि इस मामले में सिर्फ एक लीगल नोटिस था जिसका अदालत ने अभी तक संज्ञान तक नहीं लिया है इसको दर्ज करने के लिए कहाँ कॉलम है बताइए और अगर होता तो मैं जानकारी देती ।

अबतक का पूरा घटनाक्रम

  • 8 जून को कांग्रेस द्वारा नामांकन भरे जाने के बाद 9 जून को भाजपा उम्मीदवार महेश केवट और भाजपा नेता राहुल कोठारी ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई। आरोप लगाया कि नटराजन ने अपने नामांकन फॉर्म में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी कथित तौर पर छुपाई ।
  • भाजपा की शिकायत पर रिटर्निंग आफिसर ने कांग्रेस को नोटिस देकर 9 जून को शाम 5:30 बजे तक जवाब देने के लिए कहा , लेकिन कोई संतोषजनक जवाब ना मिलने और चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने पर निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन तकनीकी आधार पर रद्द कर दिया।
  • उसी रात करीब 10 बजे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, मप्र प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, आरिफ मसूद सहित कई विधायक भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय में धरने पर बैठ गए। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और सचिन पायलट समेत कई दिग्गज नेता भी नई दिल्ली में निर्वाचन आयोग के मुख्यालय (निर्वाचन सदन) में धरना देने के लिए पहुंच गए।
  • भारी हंगामे के बाद चुनाव आयोग ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को 10 जून 2026 को दोपहर 12 बजे निर्वाचन सदन, अशोका रोड, नई दिल्ली में बातचीत के लिए समय दिया है लेकिन यहां से भी कोई राहत नहीं मिली, जिसके बाद कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। इन सब के बीच 11 जून को  भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। निर्वाचन प्रक्रिया के समापन के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने तीनों विजयी प्रत्याशियों तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को औपचारिक रूप से विधानसभा परिसर में निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंप भी दिए।

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