कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच मोदी सरकार का बड़ा कदम, डीजल-ATF पर बढ़ा विंडफॉल टैक्स
अमेरिका ईरान के बीच जंग एक बार फिर तेज हो गई है। इस वजह से मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति देखने को मिल रही है। एक बार फिर शुरू हुए इस युद्ध ने कच्चे तेल की कीमतों में आग लगाने का काम भी शुरू कर दिया है।
कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के बीच मोदी सरकार ने पेट्रोल डीजल और हवाई ईंधन पर लगने वाले टैक्स को लेकर बड़ा फैसला लिया है। एक आदेश जारी करते हुए डीजल और एटीएफ पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया गया है। हालांकि, पेट्रोल पर लगने वाला टैक्स कम किया गया है।
ATF और पेट्रोल डीजल विंडफॉल टैक्स में बदलाव
नए आदेश में डीजल के निर्यात पर लगने वाला टैक्स 8.5 रुपए से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर लगने वाला टैक्स 7.5 रुपए प्रति लीटर से 14.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती की है, ये 4 रुपए प्रति लीटर से 2.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है।
क्यों बढ़े कच्चे तेल के दाम
इंटरनेशनल लेवल पर कच्चे तेल की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से तेजी देखने को मिल रही है। ब्रेंट क्रूड 0.35 फीसदी की तेजी के साथ 85.25 डॉलर प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। बता दें कि अमेरिका ने ईरान पर नाकेबंदी लागू कर दी है। इस वजह से होर्मुज जल डमरूमध्य से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ चुकी है।
आम आदमी पर क्या होगा असर
ईंधन पर लगने वाले टैक्स की वृद्धि का आम आदमी पर होने वाले असर की बात करें तो इसका कोई असर नहीं होने वाला है। विंडफॉल टैक्स सरकार द्वारा कंपनी या उद्योग पर लगाया गया अतिरिक्त टैक्स होता है। इसका उद्देश घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना और निर्यातकों को अंतर्राष्ट्रीय कीमतों का अत्यधिक फायदा उठाने से रोकना है।
