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नेपाली PM संसद में बोले- भारत को धन्यवाद बोले- सही समय पर पड़ोसी देशों ने मदद पहुंचाई; 7 दिन में 1127 मौतें

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए संसद में भारत और चीन को धन्यवाद दिया। बुधवार को संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों ने समय पर राहत सामग्री, तकनीकी टीमें और आपात मदद भेजी।भारत ने राहत सामग्री की पांचवीं खेप भेजी है। भारतीय टीमें सुरंगों में सर्च ऑपरेशन और शवों की पहचान में मदद कर रही हैं। वहीं, चीन ने ग्यिरोंग बॉर्डर तक जाने वाला हाईवे खोल दिया है, जिससे राहत दल प्रभावित इलाकों तक पहुंच रहे हैं।बाढ़ में अब तक 1127 लोगों की मौत हो चुकी है और 4800 से ज्यादा लोग लापता हैं। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के कर्मचारी भी गायब हैं। आशंका है कि कुछ लोग अब भी सुरंगों में फंसे हो सकते है  चितवन में नारायणी और त्रिशूली नदियों का जलस्तर बढ़ा

नेपाल में बाढ़ के बाद चितवन में नारायणी (गंडक) और त्रिशूली नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है।बुधवार, 2 सितंबर को इन नदियों का एरियल व्यू सामने आया, जिसमें बाढ़ के बाद इलाके में फैली तबाही साफ दिखाई दे रही है।4 दिन मलबे में दबा रहा 5 साल का बच्चा, जिंदा बचाया गया

नेपाल में बाढ़ के मलबे में चार दिन तक दबे रहने के बाद एक 5 साल के बच्चे को जिंदा बचा लिया गया। बचाव के बाद बच्चा इतना थका हुआ था कि ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था।एक वीडियो में नेपाल सेना का जवान बच्चे को खिचड़ी और पानी पिलाता नजर आया। जवान ने उसे दिलासा देते हुए कहा कि वह जल्द अपने परिवार से मिलेगा और फिर स्कूल जा सकेगा।नेपाल पीएम बोले- 95 शव परिजनों को सौंपे गए

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने संसद में बताया कि बाढ़ के बाद अब तक 95 शव परिजनों को सौंपे गए हैं।शाह ने कहा कि बाढ़ 26 अगस्त की सुबह करीब 8:30 बजे आई थी। जानकारी मिलते ही सरकार ने राहत-बचाव अभियान शुरू किया। 9:15 बजे आपात बैठक बुलाई गई और 10:30 बजे तक हेलिकॉप्टर व बचाव दल तैनाती के लिए तैयार थे।शव नहीं मिला, पुतले से किया अंतिम संस्कार

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में लापता हुए सूरज तिमिल्सिना का शव अब तक नहीं मिल सका है। काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में सूरज तिमिल्सिना के परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार पुतले के जरिए किया है।अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य और रिश्तेदार भावुक नजर आए। सूरज के बेटे ने भी पिता के अंतिम संस्कार की रस्मों में हिस्सा लिया।नेपाल की तीन प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपरनेपाल में बाढ़ और लगातार बारिश के बाद सुन कोशी, बूढ़ी गंडकी और महाकाली नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है।प्रशासन ने मध्य, पश्चिमी और पूर्वी नेपाल के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है, और तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है।

अमेरिकी रेस्क्यू टीम नेपाल पहुंचीअमेरिका की क्राइसिस रिस्पॉन्स इंटरनेशनल (CRI) की 13 सदस्यीय टीम नेपाल पहुंच गई है। यह टीम रसुवा जिले के चिलिमे क्षेत्र में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में लापता लोगों की खोज में मदद करेगी।टीम खास उपकरणों की मदद से सुरंगों के अंदर फंसे लोगों की आवाज या किसी भी तरह की हलचल का पता लगाने की कोशिश करेगी।   नेपाल बाढ़ में चितवन से सबसे ज्यादा शव बरामदभोटेकोशी में आई बाढ़ के बाद मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इनमें सबसे ज्यादा 348 शव चितवन से मिले हैं।

बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 1127 पहुंचा, 4858 लोग लापतानेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 1127 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4800 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।

बचाव और खोज अभियान जारी है। राहतकर्मी और सुरक्षा बल बाढ़ प्रभावित इलाकों तथा नदी के निचले हिस्सों में लगातार तलाश कर रहे हैं।नेपाल के लिए भारत ने भेजी पांचवीं राहत उड़ाननेपाल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए भारत ने अपनी पांचवीं सहायता उड़ान रवाना की है।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इस विमान में 11 सदस्यीय विशेष रेस्क्यू टीम, अत्याधुनिक बचाव उपकरण और 5.5 टन आवश्यक दवाइयां भेजी गई हैं।इससे पहले भारत चार राहत उड़ानों के जरिए नेपाल को करीब 68.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है। इनमें दवाइयां, खाद्य सामग्री, कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, हाइजीन किट, और अन्य जरूरी राहत सामग्री शामिल हैं।बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए काठमांडू पहुंचे सोनू सूद

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए काठमांडू पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राहत सामग्री का वितरण किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

सोनू सूद ने कहा कि राहत सामग्री में बड़ी संख्या में कंबल और खाद्य सामग्री शामिल है। उन्होंने कहा, “हम बाढ़ पीड़ितों से मिलने और उन्हें राहत सामग्री देने आए हैं। हम उनकी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश करेंगे।”सोनू सूद ने यह भी कहा कि उनकी टीम आने वाले महीनों में भी नेपाल के लिए राहत सहायता जारी रखने का प्रयास करेगी, ताकि प्रभावित लोगों को लंबे समय तक मदद मिल सके।

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