उम्मीद की तस्वीर:बारां मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण होगा शुरू; पहले चरण में 190 करोड़ से बनेंगे चार मंजिला एकेडमिक ब्लॉक
बारां जिले के लिए बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज का निर्माण मेलखेड़ी में आबंटित जमीन पर होगा। इसके लिए डीपीआर फाइनल हो गई है। पहले चरण में एकेडमिक ब्लॉक तैयार होगा। चिकित्सकीय सुविधाओं के लिए जिला अस्पताल परिसर में ही विस्तार किया जाएगा।
नए साल के पहले महीने में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करने की तैयारी हो रही है। जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर पहले चरण के कार्य के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और सीपीआर (कंसेप्शनल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयारी हो चुकी है।
मेडिकल कॉलेज निर्माण पर कुल 325 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। पहले चरण में मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए कुल 190 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मलमास खत्म होने के बाद जनवरी में ही नींव की खुदाई के साथ शिलान्यास हो सकता है। दूसरे चरण में बारां जिला अस्पताल परिसर में ही सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
ओपन एयर थियेटर, इंडाेर स्पोर्ट ब्लॉक बनेगा
मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल रेजिडेंस, टीचिंग स्टाफ क्वार्टर, नॉन टीचिंग स्टाफ क्वार्टर, क्लास फोर हाउसिंग, इंडोर स्पोर्ट ब्लॉक, ओपन एयर थियेटर, एनिमल हाउसहोल्ड रूम, एसटीपी प्लांट भी बनाए जाएंगे।
जिला अस्पताल में बनेंगे नर्स व रेजिडेंट हॉस्टल
मेडिकल कॉलेज को लेकर जिला अस्पताल परिसर में भी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां 48 की क्षमता का नर्स हाॅस्टल होगा, वहीं 62 की क्षमता का रेजिडेंट हॉस्टल भी बनाया जाएगा। साथ ही लेक्चर थियेटर का निर्माण भी किया जाएगा। यहां पर ओटोप्सी ब्लॉक सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
ऐसा होगा हमारा मेडिकल कॉलेज
एकेडमिक ब्लॉक
ग्राउंड + 3 कुल 4 मंजिला, 17 हजार 40 वर्ग मीटर, ग्राउंड कवरेज 4900 वर्ग मीटर, इसमें 5 लिफ्ट रहेंगी।
बॉयज हॉस्टल 225 यूनिट
ग्राउंड + 7 कुल 5415 वर्ग मीटर, ग्राउंड कवरेज 1040 वर्ग मीटर, इसमें छठीं और सातवीं मंजिल पर 38 की क्षमता वाला इंटर्न बॉयज हॉस्टल व दो लिफ्ट रहेंगी।
गर्ल्स हॉस्टल 225 यूनिट
ग्राउंड + 7 कुल 5415 वर्ग मीटर, ग्राउंड कवरेज 1040 वर्ग मीटर, इसमें छठीं और सातवीं मंजिल पर 38 की क्षमता वाला इंटर्न गर्ल्स हॉस्टल व दो लिफ्ट रहेंगी।
हॉस्टल मैस ब्लॉक
600 की क्षमता वाला रहेगा। यह ग्राउंड सहित दो मंजिला होगा। ग्राउंड कवरेज 950 सहित कुल 1870 वर्ग होगा।
मरीजों को मिलेगी राहत, नहीं जाना पड़ेगा झालावाड़ और कोटा
जिले में गंभीर बीमारियों, दुर्घटनाओं, हादसों में लोगों को बारां मेडिकल कॉलेज में समुचित उपचार मिल सकेगा। वर्तमान में गंभीर बीमारी, हादसे में लोगों को कोटा या झालावाड़ जाना पड़ता है। अब बारां में ही उपचार मिलने से लोगों का धन और समय बचेगा। साथ ही समय पर उपचार मिलने से कई मामलों में लोगों की जान भी बचेगी।
मेडिकल कॉलेज डीपीआर-सीपीआर फाइनल, जल्द होगा शिलान्यास
- मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर डीपीआर-सीपीआर फाइनल हो गई है। पहले चरण के लिए 190 करोड़ से टेंडर प्रक्रिया हो रही है। कॉलेज का शिलान्यास जल्द होगा। – डॉ. सीपी मीना, नोडल अधिकारी, मेडिकल कॉलेज
