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नडाल ने 36 साल की उम्र में किया कमाल, कहा- भविष्य का पता नहीं, बस आगे बढ़ने के लिए लड़ता रहूंगा

स्पेन के राफेल नडाल ने रविवार को वर्ष के दूसरे ग्रैंडस्लैम फ्रेंच ओपन के फाइनल में नार्वे के कैस्पर रूड को लगातार सेटों में हराकर यह साबित कर दिया कि वह लाल बजरी के बेताज बादशाह हैं। विश्व के पांचवें नंबर के खिलाड़ी नडाल ने खिताबी मुकाबले में रूड को 6-3, 6-3, 6-0 से मात दी।

मैच के बाद उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता भविष्य में क्या होगा। मैं बस आगे बढ़ने के लिए लड़ता रहूंगा। मेरे लिए इतने बेहतरीन दर्शकों के बीच खेलना अविश्वसनीय रहा। मेरे लिए भी इस एहसास को बयां करना आसान नहीं है। 36 साल की उम्र में यहां होना, यह ऐसा है जिस पर मैं कभी विश्वास नहीं कर सकता। अगर मेरा शरीर तैयार हुआ तो मैं विंबलडन में खेलूंगा। यह ऐसा टूर्नामेंट नहीं है जिसे मैं मिस करना चाहूंगा।

फाइनल तक का सफर तय करने वाले नार्वे के कैस्पर रूड ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि नडाल किस तरह के चैंपियन हैं। इस बार मुझे भी फाइनल में उनके खिलाफ खेलने का एहसास हुआ। यह आसान नहीं था और मैं पहला पीडि़त नहीं हूं। मुझे पता है इससे पहले भी कई लोग हैं।”

नडाल का जलवा बरकरार, लाल बजरी के बादशाह 

 

रविवार को फ्रेंच ओपन फाइनल में जीत से 22वां ग्रैंडस्लैम खिताब नडाल ने अपने नाम किया। वह पुरुष सिंगल्स वर्ग में सबसे ज्यादा ग्लैंड स्लैम खिताब जीतने के मामले में रोजर फेडरर (20) और नोवाक जोकोविक (20) से दो कदम आगे निकल गए हैं। यह नडाल के करियर का 30वां ग्रैंडस्लैम फाइनल। लाल बजरी के बादशाह कहे जाने वाले नडाल ने 14वीं बार नडाल ने इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई थी। उनका इस टूर्नामेंट में फाइनल में जीत का रिकार्ड 100 प्रतिशत है वह आज तक फ्रेंच ओपन के फाइनल में कभी नहीं हारे हैं।

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