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घाघरला वन क्षेत्र में नाइट गश्त:अतिक्रमणकारियों की घुसपैठ की सूचना पर गश्त करने निकली टीम, क्षेत्र में अब भी बना हुआ है खतरा

बुरहानपुर जिले की नावरा रेंज का जंगल काफी संवेदनशील है। पिछले दिनों यहां बाकड़ी वन चौकी से 17 बंदूके और 652 कारतूस लूटे जाने की वारदात हुई थी। इसके बाद भी अतिक्रमणकारी जंगल में सक्रिय हैं। पिछले दिनों खंडवा सीसीएफ के काफिले पर सीवल बाकड़ी रोड पर अतिक्रमणकारियों ने पथराव भी किया था।

वहीं रविवार रात वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली कि घाघरला और इससे सटे वन क्षेत्र में अज्ञात अतिक्रमणकारी घुसपैठ का प्रयास कर सकते हैं जिसके बाद डीएसओ प्रदीप मिश्रा ने वनकर्मियों से क्षेत्र के जंगल में नाइट गश्त कराई। करीब दर्जनभर से अधिक वनकर्मी टॉर्च लेकर देर रात तक घाघरला और आसपास के जंगल में गश्ती करते रहे।

डीएफओ ने बताया रात में सूचना मिली थी कि अतिक्रमणकारी जंगल में वन कटाई की नियत से घुसकर कटाई कर सकते हैं इसलिए टीम को रात ही में मौके पर रवाना किया गया। प्रतिदिन जंगल में नाइट गश्त कराई जाएगी। पिछले दिनों डीएफओ ने भी रात रुककर वनकर्मियों का मनोबल बढाया था।

अतिसंवेदनशील हो गई है नावरा रेंज

नवरा रेंज का जंगल अति संवेदनशील की श्रेणी में आता है। यहां अक्टूबर माह में पानखेड़ा के जंगल में सबसे अधिक वन कटाई हुई थीम इसके बाद अतिक्रमणकारी घाघरला के जंगल को निशाना बनाने वाले थे। दो-तीन दिन यहां कटाई भी की गई थी, लेकिन क्षेत्र के ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया था तब वन विभाग ने यहां सख्ती बरतना शुरू कर दी थी।

घाघरला जंगल में अस्थाई वन चौकी भी स्थापित की गई है जहां 20 वनकर्मियों की 24 घंटे तैनाती भी की गई है,लेकिन इसके बाद भी क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों की घुसपैठ का खतरा बना रहता है।

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