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नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक आज, PM मोदी करेंगे अध्यक्षता, इन मुद्दों पर होगी चर्चा, CM यादव भी होंगे शामिल

प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक नई दिल्ली में बुलाई गई है। बैठक में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल/प्रशासक, केंद्रीय मंत्री पदेन सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में और नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए 10 जून को नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी तीन दिन के दिल्ली दौरे पर हैं। उनके भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।

बैठक का विषय ‘2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ रखा गया है। इसका उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक के कल्याण और विकास के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार करना है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की इस बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्री और उप राज्यपाल एक साथ मिलकर समावेशी मानव विकास प्रारूप पर चर्चा करेंगे।

नीति आयोग बैठक में इन मुद्दों पर होगी चर्चा

बैठक मुख्यत: ‘मूलभूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल’, ‘उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास’, ‘स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण’ एवं ‘सभी के लिए समानता और गरिमा’ से जुड़े विषयों पर केन्द्रित रहेगी। बैठक में दिसंबर 2025 में आयोजित हुए मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन के सुझावों पर भी फैसला लिया जाएगा। उस सम्मेलन में 5 अहम विषयों पर रणनीतियां सुझाई गई थीं।

बैठक में देश भर में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को बढ़ाने और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इस दौरान शासन, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, अभिसरण, साझेदारी और डेटा-आधारित प्रणालियों सहित प्रमुख सहायक तत्वों का लाभ लेकर कार्यान्वयन रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। आंगनवाड़ी एकीकरण, ‘पंखुड़ी पोर्टल’ और बाल कुपोषण में कमी पर भी समीक्षा होगी।

इसका उद्देश्य देश के कोने-कोने में रोजगार के नए अवसर बनाना और जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देना।  साथ ही हर नागरिक के लिए बेहतर स्वास्थ्य और पोषण संबंधी बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करना। ​इसके अलावा, राज्यों के अपने विकास के विजन को ‘राष्ट्रीय विजन’ के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि केंद्र और राज्य मिलकर एक दिशा में काम कर सकें।

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