श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश में मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग की ओर से हैंड्स ऑन ट्रेनिंग पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मानव शरीर की मिट्टी, पानी और माइक्रोफ्लोरा से बैक्टीरिया का अलगाव और पहचान विषय पर चर्चा की गई। सोमवार को विवि के निदेशक प्रो. एमएस रावत, एम्स के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के प्रो. डॉ बलराम ओमर, एडिशनल प्रो. डाॅ. योगेंद्र प्रताप मथुरिया ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। प्रो. डाॅ. बलराम ने कहा कि सूक्ष्म जीव हमारे चारों ओर रहते हैं। उन्होंने सूक्ष्म जीवों से पर्यावरण पर पड़ने वाले सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पर चर्चा की। डाॅ. योगेंद्र प्रताप मथुरिया ने जीवाणुओं की शरीर के साथ सहजीविता पर प्रकाश डाला।
स्वामी रामतीर्थ परिसर टिहरी गढ़वाल, राजकीय महाविद्यालय नैनी डांडा पौड़ी गढ़वाल, राजकीय महाविद्यालय पुरोला, राजकीय महाविद्यालय अगस्त्यमुनि, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर अल्मोड़ा, राजकीय महाविद्यालय उत्तरकाशी, देवस्थली पैरामेडिकल कॉलेज श्रीनगर, राजकीय महाविद्यालय देहरादून, विशंभर सहाय पैरामेडिकल कॉलेज रुड़की से आए हुए करीब 40 प्रतिभागी शामिल रहे। कार्यशाला में डाॅ. प्रभात कुमार सिंह, शालिनी कोटियाल ने जीवाणुओं को प्रयोगशाला में उत्पन्न करने के लिए प्रयोग में लाने जाने वाले पोषक पदार्थों की विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर एसके कुड़ियाल, डाॅ. शालिनी रावत, डाॅ. दिनेश, डाॅ. प्रीति खंडूड़ी, डाॅ. सफिया हसन, डाॅ. अर्जुन पालीवाल, देवेंद्र भट्ट, पवन, श्रवण, कमल, चंद्रशेखर आदि शामिल रहे।