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हरक ने लांघी थी अनुशासन की सीमा, नड्डा के निर्देश पर हुई कार्रवाई; ऐसा करने वालों के साथ यही होगा; जानें किसने कहा

देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है, जो भी पार्टी में अनुशासन की सीमा को पार करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यही कारण है कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर हरक सिंह रावत को पार्टी के लिए छह साल के लिए निष्कासित किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री ने भी उन्हें मंत्रिमंडल के लिए बर्खास्त किया।

भाजपा ने रविवार रात को हरक सिंह रावत के दिल्ली जाने के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। अब उनके निष्कासन को लेकर भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रिया दी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद हरिद्वार डा रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि भाजपा पार्टी आधारित दल है। पार्टी पर किसी नेता के आने-जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि भाजपा में हर कार्यकर्त्ता का सम्मान होता है।

अन्य दलों की भांति यहां संभव नहीं कि एक ही परिवार के तीन-तीन व्यक्तियों को टिकट देकर कार्यकर्त्ताओं की उपेक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के अन्य विधायकों के कांग्रेस में जाने की खबरें निराधार है। उनकी रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा और विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन से बात हुई है। तीनों ने बताया कि वे भाजपा में ही हैं और रहेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हरक घड़ियाली आंसू बहाने वाले व्यक्ति हैं। वह ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने कोई भी पार्टी नहीं छोड़ी है। वह कभी एक विधानसभा से दोबारा चुनाव नहीं लड़े। वह कभी किए एक दल के रहे ही नहीं। हरक सिंह रावत का चरित्र मौसम की तरह बदलता रहता है।

वह आंसू बहा कर जनता को इमोशनल ब्लैकमेल करते हैं। वहीं, लैंसडौन विधायक दिलीप सिंह रावत ने कहा कि यह कार्रवाई ब्लैकमेलिंग करने वाले नेता के खिलाफ की गई है। उन पर यह कार्रवाई पहले हो जानी चाहिए थी। वह किसी भी संस्कृति को नहीं मानते, इसलिए पार्टी बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा पार्टी ने अपनी संस्कृति को बचाते हुए परिवारवाद की संस्कृति अपनाने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया है।

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