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सीएम धामी बोले,युवा जिस भी क्षेत्र में जाएं वहां लीडर बनने का प्रयास करें

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने दि हिमालयन कप ऑल इण्डिया फुटबॉल टूर्नामेंट की विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल एवं खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई खेल नीति बनाई है।
देश में विभिन्न खेलों में उत्तराखण्ड की पहचान बनी है।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के युवा खिलाड़ियों से दृढ़ इच्छा शक्ति एवं मेहनत के साथ विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन पर ध्यान देने की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि सफलता का एक ही मूलमंत्र है विकल्प रहित संकल्प। युवा खिलाड़ी अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिये पूरी मेहनत एवं एकाग्रता के साथ प्रयास करे। युवा जिस भी क्षेत्र में जाए वहां लीडर बनने का प्रयास करें।

सोमवार को स्थानीय पवेलियन ग्राउण्ड में दि हिमालयन कप ऑल इण्डिया फुटबाल टूर्नामेंट के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे युवा खिलाड़ी विभिन्न खेल की प्रतियोगिताओं में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। जिससे देश में उत्तराखण्ड की पहचान बन रही है। यह हमारे खिलाड़ियों की खेलों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिचायक है। हमारा यह भी प्रयास है कि भारत के पौराणिक खेलों जैसे कबड्डी , खो-खो, फुटबॉल अथवा प्राचीन मल्ल, अखाड़ों से निकला गतका और मलखम्ब को विश्व पटल पर पहचान दिलायी जाए। एक समय पर भुला दिए गए ये सभी खेल आज देश-विदेश में खूब प्रसिद्ध हो रहे हैं। हमारा निरंतर यह प्रयास है कि हम खेलों के माध्यम से भी सांस्कृतिक संवर्धन का कार्य करें ताकि हमें अतीत का ज्ञान रहे और लुप्त हो रही विधाएं जीवित रहें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी फुटबॉल के प्रशंसक रहे हैं। खेल के मैदान में भी उत्तराखंड अग्रणी राज्य बने, इसी के तहत राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु नई खेल नीति बनाई गई है। हमारी सरकार ने खेल दिवस-2022 के अवसर पर “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना“ प्रारंभ की थी तथा कुछ समय पहले राज्य के प्रतिभाशाली उभरते खिलाड़ियों के लिए खेल छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया था जो शुरू कर दी गयी है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना में 08 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। हर जिले के 150 बालक और 150 बालिकाओं अर्थात प्रदेश के कुल 3900 उभरते खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्ति दी जा रही हैं।

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