सीमांत जिले में तलाशी जाएंगी एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाएं
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं को तलाश कर उन्हें विकसित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने पर्यटन विभाग के साथ मिलकर इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी रीना जोशी ने बताया कि जिले में पैराग्लाइडिंग, राफ्टिंग और रेपलिंग की काफी संभावनाएं हैं। लिपुलेख तक सड़क बनने के बाद यहां पर्यटन गतिविधियां बड़ी हैं। कुछ समय पहले यहां शिव महोत्सव और माउंटेन हिल बाइकिंग रैली का आयोजन भी किया गया था जिसमें काफी लोगों ने हिस्सा लिया था। बाइकिंग को देखने के लिए पर्यटक भी बड़ी संख्या में आए थे।
इसके अलावा सीमांत जिले का कनारीपाभैं क्षेत्र पैराग्लाइडिंग के लिए सबसे मुफीद जगह है। यहां पर मार्च 2016 में अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता हुई थी जिसमें 71 से अधिक देशी-विदेशी पैराग्लाइडरों ने उड़ान भरी थी। इसके बाद यहां पैराग्लाइडिंग का आयोजन नहीं किया है। लिहाजा दोबारा पैराग्लाइडिंग की संभावनाएं तलाशी जाएगी।
वहीं छिपलाकेदार में भी पैराग्लाइडिंग और राफ्टिंग की संभावनाओं को तलाश जाएगा। शिव महोत्सव के दौरान जिला प्रशासन ने 10500 फुट की ऊंचाई पर बहने वाली कुटी यांगती (नदी) में राफ्टिंग कराई थी। इसके अलावा काली, गोरी, धौली, रामगंगा, सरयू नदी में समय-समय पर राफ्टिंग का आयोजन किया जाता है जिसमें कई पर्यटक हिस्सा लेते हैं।
ट्रैकिंग के लिए विकसित होंगी नए रूट
पिथौरागढ़। डीएम ने बताया कि पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने के लिए नए ट्रेकिंग रूट भी विकसित किए जाएंगे। चंडाक से असुरचूला तक ट्रैकिंग रूट के निर्माण के लिए ट्रैक रूट बनाया जाएगा। जिला प्रशासन जल्द इसकी डीपीआर बनाएगा।
