जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, लचीलेपन की दिशा में करें काम : डॉ. शर्मा
अल्मोड़ा। गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी-कटारमल, अल्मोड़ा में दो दिवसीय वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 31वीं समीक्षा बैठक बृहस्पतिवार को शुरू हो गई है। वैज्ञानिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष डॉ. एकलव्य शर्मा ने पृथ्वी के बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताई। कहा कि जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, लचीलेपन की दिशा में कार्य करने की जरूरत है।
डॉ. शर्मा ने संस्थान की ओर से कॉन्सॉर्टियम आधारित परियोजना द्वारा हिमालयी क्षेत्रों में कार्य करने की पहल को एक अच्छा कदम बताया। कहा कि संस्थान के पास हिमालयी क्षेत्र के विकास के लिए एक विस्तृत दृष्टिकोण है जो हिमालय क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी बात है। उन्होंने संस्थान को सतत, प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
वाडिया इंस्टीट्यूट देहरादून के निदेशक डॉ. कलाचंद सेन ने क्लाइमेट इनड्यूस्ड जियो-हैजार्ड्स इन द हिमालया एंड प्लौसिबल मिटीगेशन विषय पर व्याखान दिया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से हिमनद और हिमनद झीलें प्रभावित होती हैं। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में आपदा प्रतिरोधी कम्युनिटी बनाने पर बल दिया। कहा कि होने वाली आपदा की पूरी प्रक्रिया को समझने की आवश्यकता है जिससे कि प्रारंभिक अलार्म सिस्टम विकसित किया जा सके ताकि जान माल का ज्यादा नुकसान न हो।
उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए स्थानीय समुदाय को आपदाओं के लिए संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील नौटियाल ने भी विचार रखे
