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पारंपरिक कौशल में योगदान के लिए हस्तशिल्प को दें बढ़ावा

रुद्रपुर। सीडीओ मनीष कुमार ने ग्रामीण सूक्ष्म लघु उद्योगों व स्वयं सहायता समूहों की ओर से निर्मित हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण व्यवसाय इन्क्यूबेटर (आरबीआई) के कार्मिकों और वॉव हैंडीक्राफ्ट ऑरियनप्रो सॉल्यूशन्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों की बैठक ली। विकास भवन में बैठक में आयोजित बैठक में सीडीओ ने कहा कि पारंपरिक कौशल और ज्ञान के संरक्षण में योगदान के लिए हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने परियोजना निदेशक अजय सिंह को हर महीने हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी आयोजित करने के निर्देश दिए। कहा कि प्रदर्शनी में औद्योगिक संस्थानों को बुलाएं, ताकि ग्रामीण उद्यमियों व स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की ओर से उत्पादित वस्तुओं को वृहद स्तर पर पहचान मिल सके। उत्पादों के विपणन और अधिक बाजार उपलब्ध होने से उचित मूल्य भी मिल सकेगा। सीडीओ ने वॉव हैंडीक्राफ्ट के प्रतिनिधियों को ग्रामीण उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग के साथ ही मार्केटिंग बिजनेश प्लानिंग, निवेश एवं व्यापार प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही वॉव हैंडीक्राफ्ट के कार्यों की जानकारी भी ली। वहां परियोजना निदेशक अजय सिंह, रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर(आरबीआई) के हेमंत बजेठा, अनुपम अवस्थी, मनोज कांडपाल, वॉव हैंडीक्राफ्ट के स्नेहल पंडित, इंदर सिंह, नितिन पटेल, रियाज आदि थे।

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