Mon. May 25th, 2026

निर्जला एकादशी पर इस बार खास संयोग, जानिए क्या करें क्या नहीं

सालभर में 24 एकादशी मनाई जाती हैं, हर एक एकादशी का अपना अलग महत्व होता है. वहीं इससे जुड़ी हुई मान्यताएं भी अलग-अलग हैं. हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी अत्यंत पुण्यदायी और कठिन व्रतों में से एक मानी जाती है. इन्हीं में से एक है निर्जला एकादशी जिसका व्रत (Nirjala Ekadashi Vrat) हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाता है. इस दिन भक्त भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और बिना जल ग्रहण किए उपवास रखते हैं, इसलिए इसे ‘निर्जला’ एकादशी कहा जाता है. ज्येष्ठ माह की तपती गर्मी में पानी पिए बिना रहना मुश्किल होता है इसीलिए इसे सबसे कठिन व्रतों में गिना जाता है और यह भी एक वजह है कि निर्जला एकादशी का व्रत अत्यधिक महत्व रखता है.

इस बार की निर्जला एकादशी बेहद खास है क्योंकि इस दिन तीन अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं, शुक्रवार का दिन, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग. इन योगों के बनने से इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ गया है. ऐसा माना जा रहा है कि इस बार का व्रत कुछ राशियों के लिए विशेष शुभ फलदायक होगा

निर्जला एकादशी का व्रत 6 जून, शुक्रवार को रखा जाएगा. एकादशी व्रत का पारण (Ekadashi Vrat Paran) अगले दिन यानी 7 जून की दोपहर 1 बजकर 44 मिनट से लेकर शाम 4 बजकर 31 मिनट के बीच है. इस समयावधि में भक्त व्रत का पारण कर सकते हैं. वैष्णव संप्रदाय के लोग निर्जला एकादशी का व्रत 7 जून, शनिवार को रखेंगे. इस दिन व्रत रखने का अर्थ है कि अगले दिन व्रत पारण किया जाएगा. 7 जून को व्रत रखने वालों के लिए व्रत पारण का शुभ मुहूर्त 8 जून सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 7 बजकर 17 मिनट पर होगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *