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शिवराज, देवड़ा और सैकड़ों आज के बड़े नेता प्यारेलाल खंडेलवाल की देन, 30 साल बाद भाजपा में दोहराया गया खंडेलवाल युग, अनुशासन से चलाऊंगा संगठन, दाएं-बाएं करने वाले सचेत रहें : खंडेलवाल

मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी में दूसरी बार समर्पित कार्यकर्ता से नेता बनकर संगठन चलाने का खंडेलवाल युग आ गया है और अब इस युग के हीरो आज निर्विरोध चुने गए हेमंत खंडेलवाल है ऐसा माना जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। बता दें कि हम जिस खंडेलवाल युग की बात कर रहे हैं उस युग में मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मात्र विस्तारक हुआ करते थे और कई बार निराश होकर अपने गांव जैत जाने की तैयारी करते थे तब उन्हें रोकने वाला परिवार कोई ओर नहीं संघ और विश्व हिन्दु परिषद के सबसे बड़े नेता उस समय के गुलाबचंद खंडेलवाल हुआ करते थे जिन्होंने शिवराज को अपने छोटे भाई उस समय के सर्वाधिक लोकप्रिय संगठन मंत्री प्यारेलाल खंडेलवाल को सौंपा। तब भाजपा के सांचे में ढले शिवराज और बने नेता। बाद में उन्होंने पाला बदला और पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा की गोद में बैठ गए। लेकिन कल जब हेमंत खंडेलवाल की ताजपोशी हो रही थी तो वाकपटुता में सबसे आगे शिवराज हेमंत खंडेलवाल को अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे थे। आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि, प्यारेलाल खंडेलवाल की वनवासी आश्रमों से लेकर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, संगठन मंत्री और मप्र में संगठन महामंत्री के रूप में भाजपा को खड़ा करने में जितना योगदान रहा है उसको शब्दों में रेखांकित करना संभव ही नहीं है। यदि पार्टी के निर्माता, संस्थापक कुशाभाऊ ठाकरे होते तो आज वह बताते कि प्यारेलाल खंडेलवाल का युग कैसा था। और उन्होंने मप्र में शिवराज सिंह चौहान और जगदीश देवड़ा जैसे सैकड़ों नेताओं का निर्माण कैसे किया था। इस इतिहास को दोहराने के लिए संभवत: भाजपा ने सोच समझकर मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पसंद से बैतूल के विधायक हेमंत खंडेलवाल को अपना प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया है। अब इस नए खंडेलवाल युग में चुने गए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक लाइन में अपना दृष्टिकोण और लक्ष्य स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने अपनी पहली पत्रकारवार्ता में साफ-साफ कह दिया है कि, संगठन को अनुशासन की सीमा के भीतर ही चलाया जाए, उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतप्रकाश नड्डा के इस वाक्य को भी जोड़ा की जो दाएं-बाएं चलेगा वह परेशान रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा मेरे रग-रग में है। कार्यकर्ताओं से कहता हूं, आपके सम्मान में कोई कमी नहीं होगी। हर कार्यकर्ता को उनकी क्षमता के अनुसार काम मिलेगा। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मप्र का समाज भाजपा से अच्छे आचरण की उम्मीद करता है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम जनता की भावना के अनुरूप आचरण रखें। बता दें कि भाजपा में हेमंत खंडेलवाल के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘हम ‘तुम’ नहीं, ‘हम’ की भावना से आगे बढ़ते हैं। संगठन पर्व का समापन एक नए संकल्प की शुरुआत है -मध्यप्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का।’और हमारी कोशिश है कि हम मप्र को संपूर्ण रूप से कांग्रेस मुक्त बनाएंगे जिसमें हेमंत खंडेलवाल का नेतृत्व सर्वोपरि होगा। डॉ. यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्होंने संविधान की हत्या की वही संविधान को हाथ में लेकर जनता की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। हम इन सबसे हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में निपटेंगे। इसके पूर्व भाजपा कार्यालय में नव नियुक्त प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की ताजपोशी के अवसर पर निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि ‘पार्टी को डिजिटल बूथ संरचना से लेकर जनाधार तक मजबूत करने में कार्यकर्ताओं की सामूहिक भावना का योगदान रहा है। अब नए अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन और आगे बढ़ेगा।’ उल्लेखनीय है कि भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हेतु बनाए गए निर्वाचन अधिकारी केन्द्रीय मंत्री डॉ. धर्मेन्द्र प्रधान ने तो सबको यह कहकर चौका दिया कि वे बैतूल चुनाव में हेमंत खंडेलावाल के साथ जब प्रचार करने पूरे जिले में घूमे तभी उन्हें यह अंदाज लग गया था कि वे मप्र के भविष्य हैं और इनसे ज्यादा सरल, सहज नेता उन्हें आज तक नहीं मिला है। प्रधान ने तो यहां तक कहा कि, हेमंत खंडेलवाल के चयन के पीछे इनका संठनात्मक अनुभव और पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद सबसे बड़ा कारण है। धर्मेन्द्र प्रधान ने इस बात की तारीफ की कि मप्र में सीएम राइज स्कूल के मामले में पहला प्रस्ताव हेमंत खंडेलवाल का ही तैयार किया हुआ है। इस विशेष रिपोर्ट का लब्बोलुआब यह है कि, मप्र में दूसरी बार खंडेलवाल युग आ गया है इस युग में भाजपा के मैदानी कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलेगा, युवाओं को मौका मिलेगा, नया नेतृत्व पल्लवित होगा और कांग्रेस से भाजपा में आए स्वार्थी तत्वों को निराश होना पड़ेगा ऐसा माना जाए तो चौंकिएगा मत।

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