पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, ऐसे हुआ खुलासा
ग्वालियर मध्य प्रदेश देश में जनहित की महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी कैसे पलीता लगाया जाता है उसका एक और उदाहरण उस समय उजागर हुआ जाओ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना में भी करोड़ों के फर्जीवाड़े का मामला आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज हुआ। इस बीमा योजना में राशि हड़पने के लिए दलालों ने मृत। लोगों को भी जिंदा बताकर उनकी बीमा राशि हड़पने का बड़ा भ्रष्टाचार किया। मध्य प्रदेश में वे तमाम बड़े फर्जीवाड़ों में अब एक और नाम पी एम जीवन ज्योति बीमा योजना फर्जीवाड़ा भी जुड़ गया। क्योंकि इस फर्जीवाड़ा में भी सैकड़ों आरोपी हैं और फर्जीवाड़े की रकम करोड़ों में है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में मृत्यु के पश्चात दो लाख की बीमा राशि मिलती है और इस बीमा राशि को हड़पने के लिए एक बड़ा फर्जीवाडा रचा गया जिसमें तमाम मृतक लोगों को जिन्दा बताकर पहले उनका प्रीमियम भर दिया गया बाद में उन्हें मृत घोषित करके। उनकी यह बीमा राशि ₹200000 हड़प ली गई एजेंसियों ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किए। इनके आधार पर सत्यापन कराकर बीमा। कंपनियों से यह राशि हडप ली गई।इस पूरे फर्जीवाड़े में बीमा कंपनियों के अधिकारियों की मिलीभगत से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
आपको बता दें हैं कि आर्थिक अपराध शाखा ग्वालियर में फरवरी माह में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। इस शिकायत में जो जानकारी दी गई थी उसे देखकर पहले तो अपराध प्रकोष्ठ। के अधिकारी भी चौंक गए क्योंकि उसने पूरी जानकारी दी गई कि। किस तरह एक संगठित गिरोह? इस तरह की बीमा राशि हड़पने के लिए काम कर रहा है जो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को टारगेट करता है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में बीमा राशि तब मिलती है जब मृत्यु से कम से कम एक महीने पहले बीमा कराया गया हो। और इस कारनामे में संलिप्त लोगों ने ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे मृतक लोगों के दस्तावेज जुटाए जिनके जीवित होने की बात बताकर पहले बीमा का प्रीमियम भर दिया इस। मामले में इन दलालों ने मृतक। के स्वजन को भी लालच दिया जिसके चलते बीमा कराया गया
