शारीरिक शोषण मामले में एलएनआईपीई, पूर्व वीसी, प्रदेश शासन देगा 41 लाख की क्षतिपूर्ति
ग्वालियर मध्य प्रदेश लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन एल एन आई पी। ई पूरे देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है। लेकिन चारदीवारी के बाहर इस संस्थान की जितनी प्रतिष्ठा है उतने ही सारे काले कारनामें इस संस्थान की चारदीवारी के भीतर होते हैं। ऐसे तमाम मामले अंदर ही दबा दिए जाते हैं लेकिन दो हज़ार उन्नीस में एक महिला प्रशिक्षक ने तत्कालीन कुलपति डॉक्टर दिलीप कुमार दुरेहा की शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने कुलपति पर छेड़छाड़ और शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने कुलपति का रसूख देखते हुए एफआईआर दर्ज नहीं की तब पीड़ित महिला प्रशिक्षक ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली और सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अब ऐतिहासिक निर्णय निर्णय देते हुए एल एन आई पी ई और इसके पूर्व कुलपति डॉ॰ दुरेहा और मध्य प्रदेश सरकार को सख्त हिदायत देते हुए लाखों रुपए का क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
शारीरिक और मानसिक शोषण का यह मामला 2019 का है जब डॉक्टर दिलीप कुमार दुरेहा एलएनआइपीई के कुलपति थे। वहां पर कार्यरत महिला प्रशिक्षिका का आरोप था। की सुबह क्लास जाते वक्त डॉक्टर दुलेहा। गलत जगह छूते हैं नाराजगी व्यक्त करने पर धमकाते हैं। शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाते हैं। महिला ने पुलिस में भी शिकायत की थी, महिला ने इसकी शिकायत मंत्रालय तक की थी। लेकिन इस मामले में पुलिस प्रशासन मंत्रालय और प्रदेश सरकार ने संवेदनहीन रवैइया अपनाया था महिला की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। उस समय भी जब यह मामला सुर्खियों में आया था तब संस्थान की काफी किरकिरी हुई थी लेकिन मध्यप्रदेश शासन डॉक्टर दुरेहा। को क्लीन चिट दिए हुए था। न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश ने तत्कालीन कुलपति डॉ॰दुरेहा और मध्य प्रदेश शासन के कारनामों की पोल खोल कर रख दी है।
शारीरिक शोषण के इस मामले में मध्यप्रदेश। हाई कोर्ट के न्यायाधीश मिलिंद रमेश फड़के। ने सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि संस्थान की ही महिला शिक्षक ने कुलपति दुलेहा पर मानसिक और शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। लम्बी लड़ाई के बाद जांच कमेटी बनी जिसमें जांच में। कुलपति दुरेहा को दोषी माना गया एलन आईपीई ने इस मामले की अनदेखी की। ऐसे व्यक्ति के हाथों में संस्थान का प्रशासनिक जिम्मा देकर रखा जो। किसी भी काम के योग्य नहीं हाईकोर्ट ने एल एन आईपी पर 100000 की कॉस्ट लगाई और साथ ही लापरवाही के चलते मध्य प्रदेश। काशन को भी पीड़िता को पांच लाख रुपए क्षतिपूर्ति।देने का आदेश दिया है। और इस मामले के मुख्य आरोपी तत्कालीन कुलपति डॉ दिलीप कुमार दुरेहा को भी ₹35 लाख क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
