ट्रंप प्रशासन ने स्कूल फंडिंग पर लगाई रोक, कई अमेरिकी राज्यों ने ठोका मुकदमा
मुंबई। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अपने ही देश में विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं. अमेरिका (US) के 20 से ज्यादा राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. वजह है स्कूलों और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए तय अरबों डॉलर की फंडिंग पर रोक लगाना. दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने स्कूल के बाद चलने वाले कार्यक्रमों और समर कैम्प्स के लिए दी जाने वाली राशि को रोक दिया है. ये फंड खासतौर पर कम आय वाले परिवारों के बच्चों की पढ़ाई और गतिविधियों में मदद के लिए तय किया गया था.
कांग्रेस ने इसकी मंजूरी दी थी, लेकिन ट्रंप सरकार ने इसे रोककर कई स्कूलों को संकट में डाल दिया है. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जिन संस्थानों को फंड दिया जा रहा है, वे प्रशासन की नीतियों के अनुरूप काम कर रहे हैं या नहीं. इसी जांच के बहाने फंडिंग को रोक दिया गया है.
इस फैसले का असर सीधे स्कूलों और सामुदायिक क्लबों पर पड़ा है. रोड आइलैंड राज्य के “बॉयज एंड गर्ल्स क्लब” के मुताबिक, उन्होंने फिलहाल समर प्रोग्राम को जारी रखने के लिए अपने स्तर से व्यवस्था की है, लेकिन सर्दियों के कार्यक्रम खतरे में हैं.
“बॉयज एंड गर्ल्स क्लब ऑफ अमेरिका” की सारा ल्यूटजिंगर का कहना है कि अगर अगले 3 से 5 हफ्तों में पैसे जारी नहीं हुए, तो देश भर के करीब 926 क्लबों में से कई को बंद करना पड़ सकता है.
अपने ही पार्टी क्षेत्रों को किया नजरअंदाज
हैरानी की बात ये है कि ट्रंप प्रशासन ने यह कदम उठाते समय अपनी पार्टी रिपब्लिकन के इलाकों का भी ख्याल नहीं रखा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन स्कूलों की फंडिंग रोकी गई है, उनमें से ज्यादातर रिपब्लिकन नेताओं के क्षेत्र में आते हैं.
एक विश्लेषण के अनुसार, जिन 100 स्कूल जिलों को सबसे ज्यादा फंड मिलना था, उनमें से 91 रिपब्लिकन जिलों में हैं. इनमें से आधे चार राज्यों कैलिफोर्निया, वेस्ट वर्जिनिया, फ्लोरिडा और जॉर्जिया में हैं.
अगर ट्रंप प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो इससे देश भर के स्कूलों और बच्चों पर गंभीर असर पड़ सकता है. राज्यों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है और अब मामला कानूनी मोड़ ले चुका है. फैसले का असर न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर, बल्कि आगामी चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है.
