बिहार में बिजली गिरने से 24 घंटे में 17 मौतें:हिमाचल में ₹1200 करोड़ का नुकसान; अमरनाथ यात्रा आज से फिर शुरू
बिहार में पिछले 24 घंटों में बिजली गिरने से 17 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 5 मौतें नालंदा में हुईं। वैशाली में 4, बांका और पटना 2-2 लोगों की जान चली गई।वहीं, हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में अब तक 110 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 1200 करोड़ रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
एक दिन के ब्रेक के बाद अमरनाथ यात्रा शुक्रवार फिर से शुरू कर दी गई है। पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर में हुई भारी बारिश और 16 जुलाई को बालटाल रूट पर लैंडस्लाइड के बाद यात्रा रोक दी गई थी।मौसम विभाग ने राजस्थान, दक्षिण कर्नाटक, केरल में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के तटीय हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट है।
हिमाचल में भारी बारिश से लैंडस्लाइड, NH-707 बंद, 9 जिलों में बाढ़ की चेतावनी
गुरुवार को हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश हुई। सिरमौर के लोहरा इलाके में भूस्खलन के कारण NH-707 ब्लॉक हो गया। मौसम विभाग ने 9 जिलों के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है।राज्य भारी बारिश से जूझ रहा है, जिसके कारण कई जगह भूस्खलन हुआ है और अचानक बाढ़ आई है। 20 जून से अब तक राज्य को 1,220 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। NH समेत 170 सड़कें अभी भी बंद हैं।
सूत्रों ने बताया कि राजमार्ग 30 घंटे से ज्यादा समय से बंद है और इसे अभी तक वाहनों के आवागमन के लिए बहाल नहीं किया जा सका है, क्योंकि पहाड़ से गिरता मलबा सड़क साफ करने के काम में दिक्कत दे रहा है।इस मानसून में हिमाचल प्रदेश में अब तक 31 बार अचानक बाढ़ आ चुकी है। 22 जगह बादल फटने की घटनाएं हुईं। जबकि 19 जगह भूस्खलन हुए हैं।
हिमाचल में भारी बारिश से लैंडस्लाइड, NH-707 बंद, 9 जिलों में बाढ़ की चेतावनी
गुरुवार को हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश हुई। सिरमौर के लोहरा इलाके में भूस्खलन के कारण NH-707 ब्लॉक हो गया। मौसम विभाग ने 9 जिलों के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है।राज्य भारी बारिश से जूझ रहा है, जिसके कारण कई जगह भूस्खलन हुआ है और अचानक बाढ़ आई है। 20 जून से अब तक राज्य को 1,220 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। NH समेत 170 सड़कें अभी भी बंद हैं।सूत्रों ने बताया कि राजमार्ग 30 घंटे से ज्यादा समय से बंद है और इसे अभी तक वाहनों के आवागमन के लिए बहाल नहीं किया जा सका है, क्योंकि पहाड़ से गिरता मलबा सड़क साफ करने के काम में दिक्कत दे रहा है।इस मानसून में हिमाचल प्रदेश में अब तक 31 बार अचानक बाढ़ आ चुकी है। 22 जगह बादल फटने की घटनाएं हुईं। जबकि 19 जगह भूस्खलन हुए हैं।
