Sat. May 2nd, 2026

उत्तरकाशी में कुदरत का कहर चार की मौत; 70 लापता

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। ऊंचाई वाले इलाके में बादल फटा, जिससे खीरगंगा नदी में सैलाब आ गया। पहाड़ से तेजी के साथ नीचे उतरा पानी अपने साथ 20-25 होटल, घर और होम स्टे को बहा ले गया। धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है। प्रसिद्ध कल्प मंदिर भी मलबे में बह गया है। चार लोगों की मौत हुई है और 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसके कुछ देर बाद सुखी टॉप पर भी बादल फटने की घटना सामने आई, लेकिन उसमें किसी तरह के नुकसान की अभी जानकारी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर स्थिति की जानकारी ली है और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे गांव के ऊपर बादल फटा। इसके बाद महज 20 सेकंड के भीतर खीरगंगा नदी का पानी और मलबा मुख्य बाजार की ओर मुड़ गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वे सुरक्षित जगह पर पहुंच पाते, सैलाब ने सब कुछ तबाह कर दिया। वहां मौजूद कई होटल, रिसॉर्ट, दुकानें, घर और सेब के बगीचे जमींदोज हो गए। वहां चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते पूरा बाजार मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस-प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि चार लोगों की मौत हुई है। होटलों और बाजार में जहां-तहां फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हर्षिल में राहत शिविर स्थापित किया गया है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। जमींदोज हुए घरों में लोगों की तलाश की जा रही है। भूस्खलन के चलते रास्ते बंद हैं, इसलिए बचाव दलों को मौके पर पहुंचने पर मुश्किलें आ रही हैं। धराली गंगोत्री धाम के रास्ते में मुख्य पड़ाव है। यहां कई होटल, रेस्टोरेंट और होमस्टे हैं, दो धराली को दो हिस्सों में बांटती खीर गंगा नदी के किनारे बने हैं।बादल फटने की घटना के बाद का एक वीडियो सामने आया है। इसमें पहाड़ी से खीर नदी का कीचड़ भरा पानी की तेज धारा धराली गांव की ओर बहता दिखाई दे रहा है। पानी के साथ पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर और पेड़ भी बहते नजर आ रहे हैं। 30 सेकंड से भी कम समय में सैलाब की तरह उतरा पानी नदी के किनारे बने कई घरों, होटलों और रेस्तरां को बहा ले जाता है। यह भयावह दृश्य रूह को कंपा देने वाला है। वीडियो में लोगों की चीख-पुकार भी सुनाई दे रही है। वीडियो में एक आवाज सुनाई देती है, सब कुछ खत्म हो गया है।सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि जिला प्रशासन, भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत अन्य एजेंसियों राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। प्राथमिकता के आधार पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावितों की हर संभव मदद के निर्देश दिए गए हैं।प्रदेश सरकार की तरफ से केंद्र सरकार व वायु सेना से रेस्क्यू अभियान के लिए दो एमआई और एक चिनूक मांगा गया है। दरअसल लगातार बारिश के कारण हेलिकॉप्टरों की उड़ान में बाधा आ रही है। यूकाडा ने भी बचाव कार्यों के लिए दो निजी हेलिकॉप्टर तैयार रखे हैं। मौसम साफ होते ही वायु सेना हेलिकॉप्टर से राहत पहुंचाएगी।सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने फोन कर घटना के संबंध में जानकारी ली। साथ ही दोनों ने ही केंद्र की ओर से राज्य की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।जिला प्रशासन ने 01374222126, 222722 और 9456556431 नंबर जारी किया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, हरिद्वार से 01374-222722, 7310913129, 7500737269 टोल फ्री नंबर-1077, ईआरएसएस टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून से 0135-2710334, 2710335, 8218867005, 9058441404 और टोल फ्री नंबर 1070, ईआरएसएस टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *