एक विक्रम अवॉर्ड होल्ड, इंदौर हाईकोर्ट का स्टे, स्पेशल एडवेंचर स्पोर्ट्स पुरस्कार को लेकर विवाद
इंदौर हाईकोर्ट के स्टे के बाद शिखर खेल अंलकरण समारोह में एक विक्रम अवॉर्ड (स्पेशल एडवेंचर स्पोर्ट्स) को होल्ड कर दिया गया है। यह अवॉर्ड पर्वतारोही भावना डेहरिया को मिलना था। जिसे एक अन्य पर्वतारोही मुधसूदन पाटीदार ने चुनौती दी थी। मधुसूदन ने 2017 में एवरेस्ट फतह किया था।
यहां बता दें, समारोह में 12 खिलाड़ियों को 2023 के विक्रम अवॉर्ड से नवाजा जाना था, लेकिन स्पेशल एडवेंचर स्पोर्ट्स कैटेगरी के पुरस्कार को लेकर मामला कोर्ट में पहुंच गया। इसलिए भावना डेहरिया को फिलहाल अवॉर्ड नहीं दिया गया।
सीएम ने 26 खेल हस्तियों को किया सम्मानित
भोपाल में मंगलवार, 5 अगस्त को शिखर खेल अलंकरण 2023 और 38वें नेशनल गेम्स 2025 के पदक विजेताओं खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। इस मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने 11 खिलाड़ियों को विक्रम और 11 प्लेयर्स को एकलव्य समेत कुल 26 खेल हस्तियों को सम्मानित किया गया।
भावना डेहरिया के चयन को हाईकार्ट में चुनौती
इंदौर हाईकोर्ट बेंच के स्टे के बाद स्पेशनल एडवेंचर कैटेगरी के एक विक्रम अवॉर्ड को होल्ड कर दिया गया। इस अवॉर्ड के लिए छिंदवाड़ा की भावना डेहरिया का चयन किया गया था। जिसे पर्वतारोही मुधुसूदन पाटीदार ने कोर्ट में चुनौती दी थी। पाटीदार 2017 में एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचे थे।
सरकार ने नहीं दिया जवाब, कोर्ट का स्टे
कोर्ट ने मधुसूदन की याचिका पर सरकार से 7 हफ्ते में जवाब मांगा था, लेकिन सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला था। जिसके बाद कोर्ट ने स्टे का आदेश जारी किया। कोर्ट ने कहा, जब तक उनकी रिप्रेजेंटेशन तय नहीं होगी, तब तक विक्रम अवॉर्ड (स्पेशल एडवेंचर अवॉर्ड) किसी को नहीं दिया जाए।
खेल विभाग ने कहा- भावना ही अवॉर्ड के लिए पात्र
खेल विभाग के संचालक राकेश गुप्ता ने बताया कि छिंदवाड़ा की भावना डेहरिया को सरकार ने विक्रम अवॉर्ड के लिए चुना था। भावना के चयन को लेकर पर्वतारोही मधुसूदन पाटीदार ने कोर्ट में चुनौती दी थी। मधुसूदन ने 2017 में एवरेस्ट फतह किया था। विभागीय नियम के अनुसार 5 वर्ष में आवेदन करने वाले ही अवॉर्ड के लिए पात्र हैं। भावना डेहरिया ने 5 वर्ष के अंतराल में आवेदन किया गया है। इसलिए भावना डेहरिया ही पात्रता रखती हैं। मधुसूदन ने 2023 अवॉर्ड के लिए आवेदन किया था। समिति ने इसलिए विचार नहीं किया।
