पुलिस रिकॉर्ड से गुमशुदा महिलाएं ही गुमशुदा, पुलिस के आंकड़ों के खेल व अधिवक्ता के संघर्ष की गजब कहानी
ग्वालियर मध्य प्रदेश ग्वालियर के आशीष प्रताप सिंह एक जुझारू युवा और पेशे से अधिवक्ता हैं जो गुमशुदा बालिकाओं को न्याय दिलाने के लिए लड़ रहे हैं लेकिन उनके इस लड़ाई में सरकार का ही बनाया गया सिस्टम और पुलिस विभाग का धुलमुल रवैया रोड़ा बन रहा है। जब आशीष प्रताप सिंह ने पुलिस विभाग से आरटीआई के माध्यम से गुमशुदा महिला बालिकाओं की जानकारी मांगी तो उन्हें तमाम तरह के बहाने बनाकर गुमराह किया गया लेकिन लंबी लड़ाई के बाद जो जानकारी मिली वह चौंकाने वाली रही। लेकिन आशीष प्रताप सिंह कहते हैं कि वह अंतिम सांस तक गुमशुदा बालिकाओं की यह लड़ाई लड़ेंगे।
गुमशुदा महिलाएं पुलिस रिकॉर्ड से ही गुमशुदा हो गई। आरटीआई में दी गई जानकारी में महिलाओं के गायब होने की जो संख्या बताई गई उसी में पुलिस ने बड़ा झूल दिया। आशीष प्रताप ने 2021 में गुमशुदा महिलाओं की जानकारी आरटीआई के माध्यम से मांगी थी। तब बताया गया था कि 2016 से 2020 के बीच कुल 3527 महिलाएं गायब हुई हैं जिनमें से 2880 को बरामद कर लिया गया है। लेकिन इसी पुलिस विभाग ने अभी हाल ही में जब हाईकोर्ट के निर्देश पर गुमशुदा महिलाओं की जानकारी पेश की तो गुमशुदा महिलाओं की संख्या तो 3527 ही बताई गई लेकिन बरामद महिलाओं की संख्या घटाकर 2602 बताई गई। मतलब पुलिस के आंकड़ों में ही दो सौ अठहत्तर महिलाओं का अंतर है। यानी पुलिस रिकार्ड से ही महिलाएं गुमशुदा हैं
