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महालक्ष्मी राजयोग से 3 राशियों को जबरदस्त लाभ, भाग्य-परिवार का साथ, आय में वृद्धि, पूरे होंगे अटके काम

ज्योतिष में ग्रहों, नक्षत्रों और कुंडली का बड़ा महत्व होता है। नौ ग्रहों में खास करके ग्रहों के सेनापति मंगल की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। मंगल ग्रह को साहस, शक्ति और ऊर्जा का कारक माना जाता है, वे हर 45 दिन में राशि बदलते रहते हैं। वर्तमान में मंगल तुला राशि में विराजमान है और 27 अक्टूबर तक यहीं रहेंगे। 21 अक्टूबर को मन के कारक चन्द्रमा भी तुला में गोचर करेंगे, ऐसे में तुला राशि में मंगल चंद्रमा की युति से महालक्ष्मी राजयोग बनेगा, जिसका प्रभाव 23 अक्टूबर तक रहेगा, जो 3 राशियों के लिए बेहद लकी साबित होने वाला है। इस योग में मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है और जीवन में धन, यश और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

मकर राशि का प्रभाव  मंगल चन्द्र की युति और महालक्ष्मी राजयोग जातकों के लिए अनुकूल साबित हो सकता है।नौकरीपेशा को नई नौकरी के कई अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा को पदोन्नति के साथ सैलरी हाइक का तोहफा मिल सकता है। व्यापार में वृद्धि हो सकती है। हर क्षेत्र में अपार सफलता हासिल हो सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। परिवार और जीवनसाथी के साथ समय अच्छा बीतेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। परिवार के साथ पिता के साथ संबंध मजबूत रहेंगे।

कन्या राशि का प्रभाव   मंगल चंद्रमा की युति और महालक्ष्मी राजयोग जातकों के लिए फलदायी साबित हो सकता है। समय- समय पर आकस्मिक धनलाभ हो सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। भाग्य के साथ परिवार का पूरा साथ मिलेगा। संपत्ति तथा वाहन खरीदने का अवसर मिल सकता है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आत्मविश्वास और पराक्रम में वृद्धि होगी।  पारिवारिक सुख के लिए यह समय फलदायी रहेगा।व्यापारियों को फंसा हुआ धन मिल सकता है।

कर्क राशि का प्रभाव   चंद्रमा- मंगल की युति और महालक्ष्मी राजयोग जातकों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इस अवधि में वाहन मकान खरीद सकते है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। भौतिक सुख सुविधाओं में वृद्धि होगी। लंबी यात्रा पर जा सकते हैं।।आय में वृद्धि के योग बनेंगे और नए नए स्त्रोत खुलेंगे। घर परिवार में खुशियों की दस्तक हो सकती है। लंबे समय से रुके व अटके काम पूरे होंगे। परिवार के साथ यादगार समय बिताने का मौका मिल सकता है।

कब बनता है महालक्ष्मी राजयोग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लग्न कुंडली में जब मंगल और चंद्रमा एक साथ विराजमान हो तो महालक्ष्मी योग का निर्माण होता है। मंगल और चंद्रमा की युति जब कुंडली में द्वितीय, नवम, दशम और एकादश भाव में हो रही हो तब अपार धन लाभ देता है।ज्योतिष में इस योग को बेहद शक्तिशाली माना जाता है। महालक्ष्मी योग से धन, दौलत, सुख, समृद्धि, और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है और माता लक्ष्मी हमेशा कृपा बरसाती हैं। समाज में मान-सम्मान मिलता है।

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