नवपंचम राजयोग 3 राशियों के लिए बेहद लकी, बढ़ेगा मान सम्मान, पैसा-पद और प्रतिष्ठा के प्रबल योग
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों, राशियों और नक्षत्रों का बड़ा महत्व माना जाता है। हर ग्रह एक निश्चित समय अंतराल के बाद एक से दूसरी राशि में प्रवेश करते है जिससे योग राजयोग का निर्माण होता है। इसी क्रम में ग्रहों के राजकुमार बुध और वरूण देव मिलकर नवपंचम राजयोग बनाने जा रहे है। वर्तमान में संचार, बुद्धि, तर्कशास्त्र, गणित और व्यापार के कारक बुध वृश्चिक राशि में विराजमान है और वरूण ग्रह मीन में विराजमान है, ऐसे में आज गुरूवार को दोनों ग्रह एक-दूसरे से 120 डिग्री पर होंगे, जिससे यह राजयोग बनेगा जो 3 राशियों के लिए लकी साबित होगा। आईए जानते है इन भाग्यशाली राशियों के बारें में……..
नवपंचम राजयोग से 3 राशियों को मिलेगा जबरदस्त लाभ
वृश्चिक राशि पर प्रभाव: नए साल से पहले नवपंचम राजयोग का बनना जातकों के लिए फलदायी सिद्ध हो सकता है। जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है। परिवार के साथ किस्मत का पूरा साथ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।आय में वृद्धि के साथ नए नए स्त्रोत खुल सकते हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी । मानसिक रूप से मजबूत होंगे।
मेष राशि पर प्रभाव: नए साल 2026 से पहले बुध वरूण का नवपंचम राजयोग जातकों के लिए लाभप्रद सिद्ध हो सकता है। । माता-पिता के साथ अच्छा वक्त बीतेगा। किस्मत का पूरा साथ मिल सकता है। लंबे समय से रुके काम पूरे होने की संभावना है।नौकरीपेशा को प्रशंसा , पदोन्नति और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। बेरोजगारों की नौकरी की तलाश पूरी हो सकती है। समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होगी। व्यापारियों को नए ऑर्डर और अवसर प्राप्त हो सकते है
मीन राशि पर प्रभाव: नवपंचम राजयोग का बनना जातकों के लिए लकी साबित हो सकता है। जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है। भौतिक सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी। नौकरीपेशा को नए अवसर, प्रमोशन और सैलरी हाईक का तोहफा मिल सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होगी। करियर के साथ व्यापार के क्षेत्र में कई लाभ पा सकते हैं।
ऐसे बनता है कुंडली में नवपंचम राजयोग
- ज्योतिष के मुताबिक, नवपंचम राजयोग तब बनता है जब दो ग्रह एक दूसरे से त्रिकोण भाव में स्थित हो जाते हैं। दोनों ग्रहों के बीच 120 डिग्री का कोण बनता है तथा एक ही तत्व राशि होती है।
- जैसै मेष, सिंह, धनु को अग्नि राशि, वृषभ, कन्या, मकर को पृथ्वी राशि, मिथुन, तुला, कुंभ को वायु राशि और कर्क वृश्चिक मीन को जल राशि माना जाता है, ऐसे में जब एक ही तत्व वाली दो राशियों में 2 ग्रह पहुंचकर 120 डिग्री का कोण, जिसे नक्षत्र के द्वारा भी जान सकते हैं, तो नवपंचम राजयोग बनता है
