Tue. Jun 2nd, 2026

नवरात्रि के पहले दिन करें माता शैलपुत्री की पूजा, जानें विधि और मां का प्रिय भोग

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन को गुड़ी पड़वा यानी हिंदू नव वर्ष के आगमन के तौर पर देखा जाता है। 19 मार्च से इसकी शुरुआत हो गई है। नवरात्रि की नौ दिनों तक माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। ऐसा कहते हैं की माता का हर रूप अपने साथ सिद्धि, बुद्धि समृद्धि और सेहत लेकर आता है।

नवरात्रि के पहले दिन माता दुर्गा के 9 स्वरूप में से पहले रूप माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है। यह पर्वत राज हिमालय की पुत्री है जिन्हें सबसे पहले दिन घट स्थापना के समय पूजा जाता है। चलिए आपको पूजा की विधि और माता का प्रिय भोग बता देते हैं

साहस और स्थिरता की देवी हैं माता शैलपुत्री

नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की आराधना की जाती है। इन्हें उमा, हेमवती और वृषारूढ़ा के नाम से भी पहचाना जाता है। माता शैलपुत्री की आराधना व्यक्ति के जीवन में साहस और स्थिरता लेकर आती है। उनका प्रिय रंग सफेद है जो शांति का प्रतीक है।

पूजा की सामग्री

पूजा शुरू करने से पहले मिट्टी का पात्र और सप्तधान, गंगाजल या फिर शुद्ध जल से भरा हुआ कलश, नारियल, कलावा, लाल कपड़ा, सिंदूर, अक्षत, फूल और आम के पत्ते एकत्रित कर लें।

कैसे करें पूजा

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद लाल या सफेद वस्त्र धारण करें।
  • अब आपको एक मिट्टी के पात्र में जौ बोना है और जल से भरा कलश स्थापित करना है। इस कलश पर नारियल अवश्य रखें।
  • अब हाथों में जल लेकर माता दुर्गा का ध्यान करें और 9 दिन के व्रत का संकल्प लें।
  • अब माता शैलपुत्री को लाल चुनरी, फूल और श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।

लगाएं इस चीज का भोग

अगर माता शैलपुत्री को प्रसन्न करना चाहते हैं तो उनकी पसंदीदा चीजों का भोग अवश्य लगे। माता को सफेद रंग पसंद है इसलिए आप उन्हें शुद्ध दूध से बनी हुई खीर या फिर बर्फी का भोग लगा सकते हैं। इससे वो अत्यंत प्रसन्न होती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed