चुनाव के लिए ECI के नए आदेश पर सियासत, ममता बनर्जी ने बोला हमला, कहा- लोगों की रोजी-रोटी पर पड़ेगा अस
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव मतदान का पहला चरण 23 अप्रैल को होने वाला है। जिसे लेकर चुनाव आयोग (ECI) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। 2 दिन पहले से ही बाइक रैली पर रोक लगा दी है। इसके अलावा रात के लिए आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है। आदेश 21 अप्रैल से ही लागू हो चुका है। अब ईसीआई के आदेश पर भी राजनीतिक हलचल देखी जा रही है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने चुनाव आयोग के साथ-साथ भाजपा पर भी हमला बोला है।
मुख्यमंत्री ने आयोग के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि, ‘इससे लोगों के रोजी-रोटी में रुकावट आ सकती है। रेगुलर आने जाने वाले, ऑफिस जाने वाले और टू व्हीलर पर निर्भर रहने वाले लाखों लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। यह ECI की बदमाशी है। बंगाल के लोगों की जिंदगी मुश्किल बनाने के लिए नए और क्रिएटिव तरीके आयोग ढूंढ रहा है। साथ ही बीजेपी का रास्ता भी आसान कर रही है।”
सुरजीत रॉय की नियुक्ति पर भी उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने भवानीपुर में रिटर्निग आफिसर के तौर पर सुरजीत रॉय को नियुक्त करने के फैसले को लेकर भी चुनाव आयोग पर कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि, “वह बीजेपी के लोड शेडिंग अधिकारियों के बेहद करीब हैं।” यह आरोप लगाए कि टीएमसी की चुनाव प्रचार से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश भी की जा रही है।
ECI का नया आदेश
चुनाव आयोग ने अपने नए आदेश में स्पष्ट किया है कि शाम 6:00 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे तक मोटर बाइक चलाना माना है। लेकिन मेडिकल या पारिवारिक समारोह जैसे इमरजेंसी मामलों में छूट दी जाएगी। सुबह 6:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक मोटरसाइकिल पर पीछे बैठने की इजाजत नहीं होगी। मेडिकल इमरजेंसी पारिवारिक समारोह या दूसरी जरूरी जरूरत जैसे स्कूल के बच्चों को छोड़ने/लेने वगैराह के मामलों में छूट दी जाएगी। वोटिंग के मतदान के दिन वोटिंग के लिए और मेडिकल इमरजेंसी पारिवारिक इत्यादि जैसी दूसरी जरूरत के लिए मोटरसाइकिल पर परिवार के साथ पीछे बैठकर जाने की इजाजत होगी। यदि किसी नागरिक को इन पंबंदियों से छूट चाहिए, तो उन्हें लोकल पुलिस स्टेशन से लिखित इजाजर लेनी होगी।
