वैभव सूर्यवंशी का भारतीय टीम में नहीं होना चाहिए चयन! पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने चयनकर्ताओं को क्यों दी यह सलाह जानिए
इंडियन प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन के बाद किसी युवा खिलाड़ी को सीधे राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की मांग अक्सर उठती है। वहीं इस बार यह चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर शुरू हुई है, जिन्होंने आईपीएल 2026 में अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा है। हालांकि, पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने वैभव सूर्यवंशी को भारत की सीनियर क्रिकेट टीम में लाने पर चयनकर्ताओं को जल्दबाजी न करने की सलाह दी है।
दरअसल आकाश चोपड़ा का कहना है कि बेशक वैभव सूर्यवंशी के लिए आईपीएल 2026 का सीजन बेहद शानदार रहा है। इस सीजन में उन्होंने कुल 15 मैच खेले हैं और इनमें 680 रन बनाए हैं। वर्तमान में ऑरेंज कैप भी उन्हीं के पास है, जो उनके बेहतरीन प्रदर्शन का प्रमाण है। मगर चोपड़ा ने स्पष्ट किया कि चयनकर्ताओं को इस मामले में संयम बरतना चाहिए और कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहिए।
टीम कॉम्बिनेशन में उथल-पुथल मचा सकता है उनका सिलेक्शन?
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए आकाश चोपड़ा ने इस बात पर जोर दिया कि अगला टी20 वर्ल्ड कप अभी दो साल दूर है। उन्होंने स्वीकार किया कि वैभव सूर्यवंशी एक विशेष खिलाड़ी हैं और उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। लेकिन, उनका टीम में आना मौजूदा टीम कॉम्बिनेशन में उथल-पुथल मचा सकता है, क्योंकि इसका सीधा अर्थ होगा किसी अनुभवी ओपनिंग बल्लेबाज का टीम से बाहर होना। टीम इंडिया के लिए अभिषेक शर्मा और हाल ही में संजू सैमसन ने बतौर ओपनर अच्छा प्रदर्शन किया है। जाहिर है, वैभव के आने से टी20 टीम के समीकरणों में बदलाव आ सकता है, जो फिलहाल स्थिर दिखाई देते हैं।
वैभव एक असाधारण खिलाड़ी: आकाश चोपड़ा
वहीं आकाश चोपड़ा ने इस बात पर फिर से बल दिया कि वैभव सूर्यवंशी निश्चित रूप से एक विशेष खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि वैभव को टीम इंडिया में लाने का विचार रोमांचक है, क्योंकि आईपीएल भारत का सबसे बड़ा टी20 टूर्नामेंट है। इसमें वैभव के प्रदर्शन को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसमें कोई शक नहीं कि वैभव एक असाधारण खिलाड़ी है। लेकिन, उन्होंने यह भी जोड़ा कि केवल इसलिए टीम में बदलाव नहीं होने चाहिए कि किसी और खिलाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। टीम को अपनी रणनीति और संतुलन के अनुसार चलना चाहिए।
किस खिलाड़ी को करेंगे टीम से बाहर?
दरअसल पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने चयनकर्ताओं को सीधा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अभी ओपनिंग में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं, जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने एक सवाल उठाया कि यदि चयनकर्ता अभिषेक और संजू को हटाकर वैभव सूर्यवंशी को मौका देते हैं, और दो-तीन साल बाद वैभव खराब फॉर्म से जूझने लगते हैं, तो वे उस स्थिति में क्या करेंगे। यह एक महत्वपूर्ण सवाल है, जिस पर चयनकर्ताओं को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
वहीं चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर सहित अन्य चयनकर्ताओं से आकाश चोपड़ा ने अपील की कि एक नया बालक चर्चा में है और उन्हें बढ़ावा देना स्वाभाविक है। ऐसे में अजीत अगरकर, आरपी सिंह और प्रज्ञान ओझा जैसे चयनकर्ताओं को बहुत अधिक दबाव और आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन, चोपड़ा ने कहा कि उन्हें वही करना चाहिए जो भारतीय क्रिकेट के दीर्घकालिक हितों के लिए सही हो, न कि तात्कालिक दबाव में कोई फैसला लेना।
उन्होंने आगे कहा कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट नहीं है, बल्कि वह भारतीय क्रिकेट का एक हिस्सा मात्र है। चोपड़ा ने विश्वास जताया कि चयनकर्ता भी इस बात को भलीभांति समझते होंगे और वे निश्चित रूप से सही फैसला लेंगे। वैभव को मौका मिलना चाहिए, इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि यह मौका कल ही मिले। इसमें उचित समय लग सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वैभव अपनी उम्र से 20 साल आगे हैं, इसलिए उनके चयन में कोई जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। यह उनके करियर के लिए भी बेहतर होगा कि उन्हें सही समय पर और सही तरीके से टीम में शामिल किया जाए।
